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नालों की सफाई और सिल्ट निस्तारण को लेकर सख्त निर्देश, रियल-टाइम मॉनिटरिंग से होगी निगरानी

 

शहरी क्षेत्रों में जलभराव और नालों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभागीय स्तर पर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि नालों से निकाली गई सिल्ट (गाद) का उचित और सुरक्षित निस्तारण किया जाए, ताकि वह दोबारा नालों में न लौटे।

Uttar Pradesh में यह समस्या पिछले कई वर्षों से जलभराव और निकासी व्यवस्था को प्रभावित करती रही है, जिसके चलते बारिश के मौसम में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए अब सफाई कार्यों की निगरानी को और मजबूत किया गया है।

निर्देशों के अनुसार, न केवल सफाई कार्य की गति पर ध्यान दिया जाएगा, बल्कि उसकी गुणवत्ता की भी नियमित जांच की जाएगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर नियमित निरीक्षण के साथ-साथ रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है।

Public Works Department और संबंधित नगर निकायों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सिल्ट को निर्धारित स्थलों पर ही डंप किया जाए और किसी भी स्थिति में उसे नालों में वापस न डाला जाए।

अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल नालों की सफाई प्रभावी होगी, बल्कि जलभराव की समस्या को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। साथ ही, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कार्यों की डिजिटल निगरानी पर भी जोर दिया जा रहा है।

प्रशासन का मानना है कि यदि इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया तो आने वाले समय में शहरों की जल निकासी व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और बरसात के दौरान होने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी।