होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद, वीडियो में देंखे तेल की कीमतें 100 डॉलर पार – ईरान और अमेरिका-इजराइल तनाव गंभीर
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी युद्ध अब इतनी गंभीर स्थिति में पहुँच गया है कि होर्मुज स्ट्रेट, जो वैश्विक तेल व्यापार का प्रमुख मार्ग है, लगभग बंद हो गया है। इस वजह से सैकड़ों तेल टैंकर दोनों तरफ खड़े हैं और आगे बढ़ नहीं पा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुँच गई हैं।
यह स्थिति न केवल तेल बाजार बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डाल रही है। अंतरराष्ट्रीय निवेशक, ऊर्जा कंपनियां और आयात-निर्यात करने वाली अर्थव्यवस्थाएं इस संकट को नजदीकी से देख रही हैं। संकट की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह इस समुद्री मार्ग को “किसी भी तरह” फिर से खोलेंगे। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह काम इतना आसान नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर ईरान से कोई सहमति या समझौता नहीं होता या अमेरिका कोई बड़ा सैन्य अभियान नहीं करता, तो होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह से आवाजाही बहाल करना मुश्किल होगा। ईरान के पास ऐसे हाइब्रिड और असामान्य हथियार हैं जो छोटे, छिपाने योग्य और अचानक इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ये हथियार अक्सर पहाड़ों, गुफाओं और सुरंगों में छिपाए जाते हैं और जरूरत पड़ने पर तट के पास से ही लॉन्च किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कारण जहाजों को किसी भी हमले का सामना करते समय प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय मिलता है। जैसे ही कोई मिसाइल या ड्रोन दिखाई देता है, उसके बाद कार्रवाई के लिए केवल कुछ ही मिनट होते हैं। यही कारण है कि समुद्री मार्ग की सुरक्षा और आवाजाही बहाल करना बेहद चुनौतीपूर्ण बन जाता है।
वर्तमान स्थिति से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। होर्मुज स्ट्रेट से होकर दुनिया के कई देशों में तेल की आपूर्ति होती है। अगर यह मार्ग लंबे समय तक अवरुद्ध रहता है, तो तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक बाजारों में महंगाई और आर्थिक अस्थिरता को बढ़ा सकती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव केवल क्षेत्रीय नहीं है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर भी व्यापक प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने चेताया कि अगर कोई तात्कालिक समाधान नहीं निकला, तो कई देशों को लंबी अवधि के लिए तेल के वैकल्पिक मार्ग और स्रोत तलाशने पड़ सकते हैं।
हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा बहाल करने के लिए सैन्य विकल्प तैयार किए हैं, विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े सैन्य अभियान में समय, संसाधन और जोखिम बहुत अधिक होगा। इसके अलावा, ईरान के छोटे और छिपे हुए हथियार इसे और भी कठिन बना देते हैं।
इस तरह, होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता तनाव न केवल मध्यपूर्व की राजनीति को प्रभावित कर रहा है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार, आर्थिक स्थिरता और समुद्री व्यापार की सुरक्षा पर भी गहरा असर डाल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी समाधान के लिए कूटनीतिक और सैन्य दोनों ही स्तरों पर सावधानी और रणनीति की जरूरत है।