श्रीलंका में भारतीय नौसेना की पनडुब्बी, दोस्ती व समुद्री सहयोग का संकेत
नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना की पनडुब्बी आईएनएस सिंधु केसरी श्रीलंका के कोलंबो में पहुंची है। दरअसल आईएनएस सिंधु केसरी की यह समुद्र यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग का एक महत्वपूर्ण संकेत है। इस यात्रा का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और आपसी विश्वास को और मजबूत करना है।
भारतीय नौसेना के मुताबिक यह दौरा विशेष रूप से दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल, संचालन क्षमता और समन्वय को बढ़ाने के लिए किया गया। कोलंबो पहुंचने पर पनडुब्बी और उसके चालक दल का श्रीलंकाई नौसेना के अधिकारियों द्वारा पारंपरिक और औपचारिक तरीके से स्वागत किया गया। इस अवसर पर श्रीलंका में भारत के रक्षा सलाहकार भी उपस्थित रहे, जिन्होंने दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों की मजबूती पर जोर दिया।
गौरतलब है कि समुद्री सुरक्षा के बदलते परिदृश्य में इस तरह के सहयोग को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे क्षेत्र में शांति और संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। भारतीय नौसैनिक पनडुब्बी के श्रीलंका पहुंचने पर विभिन्न पेशेवर और सामरिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। दोनों देशों के बीच आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य भारत व श्रीलंका की नौसेनाओं के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान और संयुक्त संचालन की क्षमता को बेहतर बनाना था। इससे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति या संयुक्त मिशन के दौरान बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। दोनों देश नियमित रूप से संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण और उच्चस्तरीय यात्राओं के माध्यम से अपने रक्षा संबंधों को और सुदृढ़ बना रहे हैं। इस प्रकार के दौरे न केवल सैन्य सहयोग को बढ़ाते हैं, बल्कि आपसी विश्वास और रणनीतिक साझेदारी को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच इस तरह की पहलें क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
आईएनएस सिंधु केसरी की यह यात्रा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नौसैनिक पनडुब्बी के श्रीलंका पहुंचने से पहले बीते सप्ताह भारत और श्रीलंका की नौसेना ने संयुक्त डाइविंग अभ्यास को भी अंजाम दिया था। यह इंडिया श्रीलंका डाइवेक्स अभ्यास का चौथा संस्करण था। भारतीय नौसेना ने बताया कि यह अभ्यास 21 से 28 अप्रैल 2026 के बीच कोलंबो में हुआ। इस अभ्यास में भारतीय नौसेना का विशेष जहाज आईएनएस निरीक्षक शामिल था। आईएनएस निरीक्षक गहरे समुद्र में डाइविंग और पनडुब्बी बचाव अभियानों के लिए जाना जाता है।
इसके साथ दोनों देशों की नौसैनिक डाइविंग टीमों ने अभ्यास किया। इस अभ्यास से आपसी तालमेल और पेशेवर समझ और मजबूत हुई है। यह अभ्यास खास तौर पर पानी के अंदर होने वाले जटिल ऑपरेशन पर केंद्रित था। इसमें गहरे समुद्र में उन्नत डाइविंग अभ्यास, मिक्स्ड गैस डाइविंग जैसी तकनीकी ट्रेनिंग व बंदरगाह और खुले समुद्र दोनों जगह डाइव का अभ्यास किया गया। सबसे खास बात यह रही कि नौसैनिक डाइवर्स ने विश्व युद्ध के समय के जहाजों के मलबे एसएस वूस्टर और एसएस पर्सियस के नजदीक जाकर यह अभ्यास किया।
--आईएएनएस
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