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स्पेशल नीड बच्चों की सुरक्षा के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस का बड़ा कदम, ‘ऑपरेशन अपराजेय’ के तहत विशेष कार्यशाला

 

नोएडा, 12 जून (आईएएनएस)। स्पेशल नीड बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा “ऑपरेशन अपराजेय” के अंतर्गत एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला पुलिस आयुक्त कार्यालय, सेक्टर-108 स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित हुई, जिसमें पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को संवेदनशील बच्चों के प्रति जागरूक एवं उत्तरदायी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि स्पेशल नीड बच्चों की सुरक्षा केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से ऐसे बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, सेवा भावना और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि “ऑपरेशन अपराजेय” का मुख्य उद्देश्य स्पेशल नीड बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक मजबूत एवं सतत सहयोग प्रणाली विकसित करना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समयबद्ध और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस अभिनव पहल की शुरुआत गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट से की गई है और भविष्य में इसे अन्य जिलों एवं पुलिस इकाइयों के लिए भी एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई परिवारों में माता-पिता के कार्यरत होने के कारण बच्चों की देखभाल के लिए केयर टेकर रखे जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में केयर टेकर द्वारा लापरवाही या अनुचित व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए पुलिस की सक्रिय और सहयोगात्मक भूमिका आवश्यक है।

कार्यशाला में यह भी निर्णय लिया गया कि मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से ऐसे परिवारों की पहचान की जाएगी, जहां स्पेशल नीड बच्चे निवास करते हैं। उनकी सुरक्षा और देखभाल के लिए नियमित संपर्क व्यवस्था विकसित की जाएगी। साथ ही केयर टेकर के सत्यापन के दौरान उनके व्यवहार, मानसिक स्थिति और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता का भी आकलन किया जाएगा। इस संबंध में एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाएगा तथा संबंधित पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

विशेषज्ञों ने पुलिस अधिकारियों को स्पेशल नीड बच्चों की मनोवैज्ञानिक, सामाजिक एवं व्यवहारिक आवश्यकताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि ऐसे बच्चों के साथ व्यवहार करते समय संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में एमिटी यूनिवर्सिटी की प्रो. (डॉ.) जयंती पुजारी, डॉ. अनुसूया के. यादव और डॉ. रामशंकर सक्सेना सहित अन्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न विषयगत सत्रों के माध्यम से पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।

इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र, पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा सुनीति भी मौजूद रहीं और उन्होंने भी कार्यशाला को संबोधित किया। “ऑपरेशन अपराजेय” के माध्यम से गौतमबुद्धनगर पुलिस ने स्पेशल नीड बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल की है, जो समाज में संवेदनशील पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन सकती है।

--आईएएनएस

पीकेटी/पीएम