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स्पेन पहुंचा भारतीय नौसैनिक युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल

 

नई दिल्ली, 02 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना का शक्तिशाली युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल स्पेन के वालेंसिया पहुंच गया है। वालेंसिया बंदरगाह पहुंचा यह युद्धपोत भूमध्य सागर, अटलांटिक और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में भारतीय नौसेना की जारी तैनाती का हिस्सा है।

यहां वालेंसिया में आईएनएस त्रिशूल का पड़ाव केवल एक बंदरगाह यात्रा नहीं है। इस दौरान भारतीय और स्पेनिश नौसेना के जवान एक-दूसरे के साथ पेशेवर अनुभव साझा करेंगे। दोनों नौसेनाओं के बीच वालेंसिया में विभिन्न ऑपरेशनल गतिविधियां होंगी। एक दूसरे के युद्धपोतों के दौरे भी होंगे। इसके अलावा खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों से दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी समझ और सहयोग को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा। समुद्री अभियानों से जुड़े अनुभव साझा करने से दोनों नौसेनाओं को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को करीब से समझने में भी मदद मिलेगी।

गौरतलब है कि आईएनएस त्रिशूल की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारतीय नौसेना मित्र देशों के साथ अपने समुद्री संपर्क को लगातार मजबूत कर रही है। इस तैनाती के दौरान आईएनएस त्रिशूल ने फ्रांस के टूलॉन में वरुण अभ्यास के 24वें संस्करण में भी हिस्सा लिया था।

फ्रांसीसी नौसेना के साथ हुए इस अभ्यास में बंदरगाह और समुद्री चरण के दौरान विभिन्न पेशेवर गतिविधियां की गई थीं। स्पेन का वालेंसिया पड़ाव इसी व्यापक समुद्री अभियान की अगली कड़ी है। आईएनएस त्रिशूल की तैनाती भारतीय नौसेना की परिचालन तैयारी, समुद्री पहुंच और मित्र देशों की नौसेनाओं के साथ बढ़ते सहयोग को दर्शाती है।

रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय नौसेना का यह अभियान केवल समुद्र में मौजूदगी दर्ज कराने तक सीमित नहीं है। ऐसे दौरे विदेशी नौसेनाओं को करीब लाते हैं, अनुभव साझा करने का मौका देते हैं, और सुरक्षित तथा स्थिर समुद्री वातावरण बनाने में सहयोग को मजबूत करते हैं। यह मजबूती भारत और फ्रांस की नौसेनाओं के बीच हुए द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘वरुण’ में भी देखने को मिली। यह अभ्यास दोनों देशों की मजबूत समुद्री साझेदारी का प्रतीक बना है।

भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल ने फ्रांस के टूलॉन बंदरगाह में अभ्यास ‘वरुण’ के 24वें संस्करण में हिस्सा लिया है। अभ्यास में एनएच90 हेलीकॉप्टरों और अटलांटिक-2 समुद्री गश्ती विमानों ने भी हिस्सा लिया। दोनों नौसेनाओं ने पनडुब्बी रोधी युद्ध, सतह पर मौजूद लक्ष्यों के खिलाफ अभियान और वास्तविक फायरिंग अभ्यास किए। इसके अलावा, दोनों नौसेनाओं के हेलीकॉप्टरों की एक-दूसरे के जहाजों पर उतरने की गतिविधियां भी की गईं। इन अभ्यासों से समुद्र में दोनों नौसेनाओं के बीच संचालन क्षमता, तालमेल और आपसी समझ को और बेहतर करने का अवसर मिला।

--आईएएनएस

जीसीबी/एमएस