गाजा मुद्दे पर मोदी सरकार को सोनिया गांधी का घेरा, वीडियो में बोलीं- संयुक्त राष्ट्र की गंभीर रिपोर्ट के बाद भी भारत की चुप्पी चिंताजनक
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद भारत सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है। सोनिया गांधी ने सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट और नैतिक रुख अपनाने की मांग की है।
गाजा में जारी संघर्ष को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की जून 2026 में जारी रिपोर्ट में इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर गंभीर निष्कर्ष सामने आए हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत सरकार ने इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सोनिया गांधी ने अपने बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार गाजा में चल रही सैन्य कार्रवाई के दौरान फिलिस्तीनी नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों, को निशाना बनाए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि इस तरह की रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और भारत जैसे लोकतांत्रिक देश को इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आयोग की मौजूदा अध्यक्षता भारत के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एस. मुरलीधर कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में तैयार की गई 94 पन्नों की रिपोर्ट में कथित तौर पर यह निष्कर्ष दर्ज किया गया है कि इजराइल की कार्रवाई का उद्देश्य गाजा में फिलिस्तीनी आबादी के अस्तित्व को समाप्त करना है और इस दौरान बच्चों पर भी हमलों का उल्लेख किया गया है।
सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि इतने गंभीर निष्कर्ष सामने आने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा मानवाधिकारों, शांति और न्याय के पक्ष में रही है, इसलिए सरकार को इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सम्मान सुनिश्चित करना पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा किसी भी संघर्ष में सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
गौरतलब है कि गाजा में जारी संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बहस जारी है। विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने वहां की मानवीय स्थिति पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से भी समय-समय पर संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानवीय सहायता पहुंचाने की अपील की जाती रही है।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से सोनिया गांधी के ताजा बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भारत ने पहले भी गाजा और पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दों पर बातचीत, कूटनीतिक समाधान और नागरिकों की सुरक्षा पर जोर देने की बात कही है।
सोनिया गांधी के इस बयान के बाद गाजा संघर्ष और भारत की विदेश नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के रुख पर सभी की नजर रहेगी।