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सोने का सौदा और लूट का धंधा: सस्ते में सोना देने का लालच दिखाकर लूट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

 

अहिल्यानगर, 7 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में पुलिस ने सस्ते में सोना देने का लालच दिखाकर लूटपाट करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने लूटपाट गैंग के कुल पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से लाखों की नकदी, सोने के सिक्के और आभूषण जब्त बरामद हुए हैं।

अहिल्यानगर पुलिस के अनुसार, सस्ते में सोना देने का झांसा देकर रायगढ़ जिले के शिकायतकर्ता अनिल नलावडे को अहिल्यानगर तालुका के फ्लाईओवर के पास बुलाया गया था। वहां आरोपियों ने उनके साथ मारपीट कर उनसे सोना और नकदी लूट ली थी।

लूटपाट होने के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत कराई। इस पर कार्रवाई करते हुए स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों के नांदेड़ जिले के किनवट क्षेत्र के रहने वाले होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस की टीम ने किनवट पहुंचकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी नांदेड़ जिले के निवासी हैं। उनकी पहचान शिवाजी मोहिते, राजू मोहिते, अक्षय मोहिते, छगन मोहिते और दिनेश जाधव के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 16 लाख रुपए नकद, 2 लाख रुपए मूल्य के सोने के आभूषण और सोने के सिक्के व एक चार-पहिया वाहन सहित कुल 26 लाख 52 हजार रुपए का माल जब्त किया है।

वहीं, महाराष्ट्र की साइबर पुलिस ने पुणे के रहने वाले 27 साल के वरुण खड़ने को सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस के बारे में अश्लील और अपमानजनक बातें पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे मुंबई मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। चूंकि इस मामले में लगाए गए आरोप जमानत के योग्य थे, इसलिए कोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया।

मुंबई में हाल ही में नौकरी करने वाले खड़ने को एक टेक्निकल जांच के जरिए उसकी ऑनलाइन एक्टिविटी का पता चलने के बाद हिरासत में लिया गया था। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपनी पोस्ट में सीधे तौर पर अमृता फडणवीस का नाम तो नहीं लिया था, लेकिन 'मुख्यमंत्री की पत्नी' का जिक्र था और उनमें अपमानजनक और बेइज्जती करने वाली बातें थीं, जिनसे उनकी छवि खराब हो सकती थी। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

--आईएएनएस

डीसीएच/