×

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 20वां दिन, वीडियो में बोले- 20 जुलाई तक जिंदा रहना चाहता हूं; डॉक्टरों ने जताई ऑर्गन फेलियर की आशंका

 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल शुक्रवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गई है। अपनी मांगों को लेकर अनशन कर रहे वांगचुक ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जीवित रहना चाहते हैं, ताकि संसद तक होने वाले शांतिपूर्ण मार्च में शामिल हो सकें। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे 20 जुलाई को संसद तक निकाले जाने वाले शांतिपूर्ण मार्च में बड़ी संख्या में पहुंचें। वांगचुक ने कहा कि वह लोकतंत्र के मंदिर यानी संसद तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं।

बोले- बाहर से कमजोर, अंदर से मजबूत हूं

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/OJTUoyr7HEY?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/OJTUoyr7HEY/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

सोनम वांगचुक ने अपनी सेहत को लेकर कहा कि भले ही वह बाहर से कमजोर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अंदर से पूरी तरह मजबूत हैं। उन्होंने समर्थकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि उनका संघर्ष जारी रहेगा।वांगचुक ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि अगर 20 जुलाई का मार्च सफल नहीं हुआ तो वह "भूत बनकर वापस आएंगे"। उनके इस बयान पर समर्थकों ने प्रतिक्रिया देते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।

डॉक्टरों ने जताई गंभीर स्वास्थ्य चिंता

लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने के कारण सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर डॉक्टरों ने चिंता जताई है। चिकित्सकों का कहना है कि लगातार उपवास के कारण उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर असर पड़ सकता है और ऑर्गन फेलियर का खतरा बढ़ गया है।दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस मामले में चिंता जताते हुए गुरुवार को केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को वांगचुक की रोजाना मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है।

संसद मार्च की तैयारी तेज

सोनम वांगचुक के समर्थक 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं। वांगचुक ने लोगों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में इस मार्च में शामिल होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सामने रखें।उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विरोध या अशांति पैदा करना नहीं है, बल्कि संवैधानिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है।

मांगों को लेकर जारी है आंदोलन

सोनम वांगचुक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र और वहां के लोगों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।फिलहाल, उनकी भूख हड़ताल के 20 दिन पूरे होने के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति और आगे की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। प्रशासन और डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर निगरानी बनाए हुए हैं।