×

सोलर पुश वाला 'इलेक्ट्रिक फ्लेम स्टोव' एलपीजी का इस्तेमाल कम कर सकता है: प्रह्लाद जोशी

 

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि एक नई इलेक्ट्रिक स्टोव तकनीक भारत में एलपीजी (गैस सिलेंडर) पर निर्भरता को कम कर सकती है। अगर इस तकनीक को सरकार की ‘पीएम सूर्य घर’ योजना के साथ जोड़ा जाए, तो यह बड़ा बदलाव ला सकती है। इस योजना के तहत लोग अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर बिजली बना सकते हैं।

जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि उन्होंने एक नए कुकिंग स्टोव का प्रदर्शन देखा, जो विदेश से लाया गया है। यह स्टोव बिजली से चलता है, लेकिन इसमें एलपीजी स्टोव की तरह ही आग की लपटें दिखाई देती हैं।

उन्होंने इस तकनीक को बहुत प्रभावशाली बताया और कहा कि यह खाना पकाने के तरीके को बदल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कंपनियों को इस तकनीक को अपनाकर देश में ही इसका बड़े स्तर पर उत्पादन करना चाहिए।

मंत्री के अनुसार, अगर यह स्टोव भारत में बनने लगते हैं, तो गैस सिलेंडर पर निर्भरता कम हो जाएगी। साथ ही, अगर इसे ‘पीएम सूर्य घर’ जैसी सोलर योजनाओं के साथ इस्तेमाल किया जाए, तो खाना बनाना और भी सस्ता और पर्यावरण के लिए बेहतर होगा।

उन्होंने कहा कि यह तकनीक भविष्य में एलपीजी की जरूरत को कम करने में एक 'गेम चेंजर' साबित हो सकती है।

इस बीच, भारत घर-घर में रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। इसके लिए छतों पर सोलर पैनल लगाने वाली योजनाएं चलाई जा रही हैं, जो अब शहरों और गांवों दोनों जगहों पर लोकप्रिय हो रही हैं।

जोशी का यह बयान सरकार के उन बड़े प्रयासों का हिस्सा है, जिनका लक्ष्य जीवाश्म ईंधन (जैसे पेट्रोल, डीजल और गैस) पर निर्भरता कम करना और देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है।

सरकार का मानना है कि अगर सोलर पावर से बनी बिजली को आधुनिक इलेक्ट्रिक कुकिंग तकनीक के साथ जोड़ा जाए, तो इससे गैस पर मिलने वाली सब्सिडी का खर्च कम होगा, प्रदूषण घटेगा और देश की ऊर्जा सुरक्षा भी बेहतर होगी।

मंत्री ने उम्मीद जताई कि भारतीय कंपनियां इस नई तकनीक पर ध्यान देंगी और भारत की जरूरतों के हिसाब से इसके अपने (स्वदेशी) मॉडल बनाएंगी। इससे क्लीन एनर्जी से जुड़े उपकरणों के बाजार में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

--आईएएनएस

एमएस/