त्रिपुरा में BSF जवानों पर तस्करों का हमला, वीडियो में जाने हथियार छीनने की कोशिश; गाड़ी में तोड़फोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार
त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हमले का मामला सामने आया है। सोमवार को आशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) के पास कुछ लोग अवैध सामान ले जाने की कोशिश कर रहे थे। BSF की 49वीं बटालियन के जवानों ने उनका पीछा किया और एक संदिग्ध को पकड़ लिया। उसकी पहचान हिफजुर रहमान के रूप में हुई है।
इसी दौरान रहीमपुर कांतामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट से BSF के तीन जवान वाहन से बॉक्सानगर की ओर जा रहे थे। रास्ते में तस्करों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने जवानों के हथियार छीनने की कोशिश की और उनके वाहन में तोड़फोड़ की। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
जवानों को घेरकर किया हमला
जानकारी के मुताबिक, BSF जवानों पर हमला उस समय हुआ, जब वे ड्यूटी से जुड़े काम के लिए बॉक्सानगर जा रहे थे। रास्ते में मौजूद लोगों के समूह ने उनका रास्ता रोक लिया। इसके बाद जवानों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।हमलावरों ने जवानों के हथियार छीनने की कोशिश भी की। इस दौरान उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और मामले में कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले में कौन-कौन शामिल था और क्या इसका संबंध सीमा पार तस्करी से है।वहीं, BSF की ओर से भी घटना को गंभीरता से लिया गया है। सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और तस्करी रोकने के अभियान को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने की निंदा
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने BSF जवानों पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने घटना को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और सुरक्षा बलों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें कथित तौर पर लोगों का एक समूह BSF जवानों के साथ विवाद और धक्का-मुक्की करता दिखाई दे रहा है। हालांकि, समाचारनामा ने इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। इसलिए वीडियो में दिखाई दे रही घटनाओं को आधिकारिक तौर पर सत्यापित नहीं माना जा सकता।
त्रिपुरा में पहले भी BSF जवानों पर हो चुके हमले
त्रिपुरा में तस्करी रोकने के दौरान BSF जवानों पर हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले अप्रैल 2024 में दुर्गापुर गांव में तस्करी रोकने की कोशिश के दौरान भीड़ ने जवानों पर हमला कर दिया था। इस घटना में तीन जवान घायल हुए थे।इसके बाद नवंबर 2025 में बिशालगढ़ इलाके में संदिग्ध पशु तस्करों को रोकने के दौरान भीड़ ने BSF के वाहन में तोड़फोड़ की थी। इस घटना में पांच जवान घायल हुए थे।लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने भारत-बांग्लादेश सीमा के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। ताजा मामले में पुलिस की जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद हमले की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।