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स्मित मच्छार के लिए मुंबई में सर्वोच्च सम्मान की मांग, दिल्ली में बेहतर स्वास्थ्य के लिए हुई पूर्जा-अर्चना

 

मुंबई, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय पायलट स्मित मच्छार अपने हौसले और हिम्मत की वजह से पूरे विश्व में हीरो बन गए हैं। उन्होंने सैकड़ों जिंदगियां बचाई और विश्व को दिखाया कि भारत हमेशा मदद के लिए तैयार रहता है। मुंबई में उनके चाहने वाले, दोस्त, और अन्य लोग एकजुट हुए और उनकी तस्वीर के साथ भारत माता की जय के नारे लगाने के साथ पायलट के लिए भारत के सर्वोच्च सम्मान की मांग की।

स्मित मच्छार के दोस्त की मां रश्मि मोदी ने कहा कि वह उनके परिवार से मिलने के लिए आई थीं। वह मेरे बेटे का बेस्ट फ्रेंड हैं।

उन्होंने कहा कि इस खबर से थोड़ा डर गई थी कि क्या होगा, मगर सब ठीक है। हम उन्हें 20 साल से जानते हैं। वह बहुत ही अच्छा लड़का है। मेरी उनसे काफी समय से बात नहीं हुई है, लेकिन वह हमारे लिए हीरो हैं। देश का सर्वोच्च सम्मान उन्हें दिया जाना चाहिए।

एक अन्य शख्स ने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि स्मित ने 174 लोगों की जान बचाई है। उन्हें देश का सबसे बड़ा पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने भारत का नाम पूरे विश्व में रोशन कर दिया है। हम चाहते हैं कि वह जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं।

एक अन्य पड़ोसी ने कहा कि वे हमारे पड़ोसी हैं और हमें उन पर बहुत गर्व है। जैसे नीरजा भनोट ने उस समय लगभग 200 से 250 लोगों की जान बचाई थी, वैसे ही हमारी बिल्डिंग के स्मित मच्छार ने भी सबकी जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली। इसलिए यह निश्चित रूप से बहुत गर्व की बात है।

स्मित मच्छार की एक दोस्त ने कहा कि उन्होंने अपना काम बखूबी किया और सूझ-बूझ से काम लिया। उन्हें पता था कि यात्रियों की जान दांव पर लगी है। इसलिए उन्होंने अपनी सूझ-बूझ का इस्तेमाल किया और वही किया, जिसमें वे माहिर हैं।

दिल्ली के कालकाजी मंदिर में कैप्टन स्मित मच्छार के जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना और पूजा-अर्चना की गई। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि हम कैप्टन स्मित मच्छर के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करने और मां कालका का आशीर्वाद लेने के लिए कालकाजी मंदिर आए हैं। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की जान बचाई।

भाजपा नेता विक्रम बिधूड़ी ने कहा कि स्मित मच्छार ने विश्व को बताया है कि भारत हमेशा से मानवता का संदेश देने वाला देश है। जिस प्रकार से उन्होंने सह पायलट से संघर्ष करते हुए खून बहते हुए भी कॉकपिट का दरवाजा खोलकर 174 से अधिक यात्रियों की जान बचाई है। हमने कालका मंदिर में उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी