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सिया गुलेरिया के आरोपियों को जल्द मिले सजा, छात्रों की सुरक्षा के लिए कदम उठाएं: एसएफआई

 

शिमला, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने मंगलवार को मंडी जिले में 19 वर्षीय सिया गुलेरिया की हत्या की कड़ी निंदा की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एसएफआई ने राज्य सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने अपने पत्र में लिखा, "एसएफआई हिमाचल प्रदेश में एसएफआई कार्यकर्ता कॉमरेड सिया गुलेरिया की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करता है और इस मामले की तत्काल जांच की मांग करता है। सिया गुलेरिया की दिनदहाड़े कॉलेज जाते समय हत्या कर दी गई। बाइक पर उनका पीछा कर रहे दो युवकों ने हथियारों से उन पर हमला किया, जहां उसकी मौत हो गई। पहचाने गए अपराधी नशे के प्रभाव में थे और उन्हें नशे का आदी बताया गया है।"

उन्होंने कहा कि यह घटना हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार की अक्षमता की स्पष्ट तस्वीर पेश करती है, जिसने बड़े-बड़े शब्दों में महिलाओं की सुरक्षा का वादा किया था, लेकिन अपने ही नागरिकों की रक्षा करने में विफल रही। युवाओं के बीच नशे के बढ़ते प्रभाव को अलग-थलग करके नहीं देखा जा सकता, बल्कि इसे माफिया और सत्ताधारी वर्ग के एक व्यापक गठजोड़ से सीधे जुड़े मुद्दे के रूप में देखा जाना चाहिए।

एसएफआई ने आगे कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी नवीनतम रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले एक दशक में भारत में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की संख्या में चिंताजनक वृद्धि हुई है। हालाँकि 2022 के बाद से डेटा उपलब्ध नहीं है। हालांकि पूरे देश में छात्राओं के साथ बलात्कार, हत्या और उत्पीड़न की हालिया घटनाएँ एक ऐसे बढ़ते शत्रुतापूर्ण माहौल को दर्शाती हैं जो सार्वजनिक, संस्थागत और घरेलू क्षेत्रों में महिलाओं के अस्तित्व और प्रगति के लिए चुनौती खड़ी करता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय उपाय किए जाने चाहिए। हम इस मामले की सक्रिय जांच करके और अपराधियों के लिए कठोर दंड सुनिश्चित करके सिया के लिए न्याय की मांग करते हैं। हम छात्राओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के विरोध में खड़े हैं और अपने परिसरों तथा सार्वजनिक स्थानों को सभी के लिए शांतिपूर्ण, स्वस्थ और सुरक्षित बनाने हेतु एक संगठित हस्तक्षेप का आह्वान करते हैं।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम