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एसआईआर से चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही भाजपा, राम मंदिर चंदा घोटाले की न्यायिक जांच हो: तनवीर हसन

 

पटना, 3 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल के उपाध्यक्ष तनवीर हसन ने एसआईआर प्रक्रिया, राम मंदिर चंदा मामले और भरत तिवारी हत्याकांड को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है। साथ ही, उन्होंने राम मंदिर चंदा मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा एसआईटी जांच पर्याप्त नहीं है।

विपक्षी दलों द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को एसआईआर मामले में हस्तक्षेप की मांग को लेकर लिखे गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए तनवीर हसन ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है जो देश में आज उठा हुआ है। भाजपा के पास एसआईआर के माध्यम से किला फतह करने की योजना है। एसआईआर कराओ और राज्य में चुनाव को हथियाओ। ये लोकतंत्र के विरोध का मामला है, लोकतंत्र की हत्या नहीं होने दी जाएगी। विपक्षी दलों ने कई बार कहा है कि हम लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देंगे। अगर विपक्षी दलों ने इस बात को गंभीरता से लिया है, तो ये बहुत ही सुखद बात है।

भरत तिवारी के परिवार से चिराग पासवान की मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए तनवीर हसन ने कहा कि घटना बेहद निर्मम हत्या का मामला है, लेकिन केवल पीड़ित परिवार से मिलना पर्याप्त नहीं है। उनको सरकार से मिलकर इस पर कार्रवाई करवाना चाहिए, न कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करनी चाहिए। गठबंधन और सरकार में होते हुए भी केवल जनता के बीच इस मामले को आप गलत बोल रहे हैं, तो आप सरकार से मिलकर कार्रवाई क्यों नहीं करवाते हैं? हम लोग तो मानते हैं कि वह हत्या हुई है।

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में केसी वेणुगोपाल द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग किए जाने के सवाल पर तनवीर हसन ने कहा कि इस पूरे मामले में चोरी के बाद भी कुछ लोग धर्म की आड़ लेकर उसे सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हम लोगों को प्रतिक्रिया देने में लोगों को आपत्ति है। मनोज तिवारी ने कहा है कि पैसा हमारा, मंदिर हमारा, चोरी किया हमारे लोगों ने, दूसरों को क्या इसकी चिंता है? क्यों फिक्र में हैं लोग? सबसे पहली बात कि ये जो हठधर्मिता है, चोरी के बाद भी धर्म के आड़ में जो लोग इस बात को जस्टिफाइड कर रहे हैं, ये आश्चर्यजनक है और बहुत ही इमोरल है। सरकार अब तक यह नहीं बता पाई है कि इस मामले का वास्तविक दोषी कौन है।

तनवीर हसन ने कहा कि ये घटना जो हुई है, इसके बारे में सरकार अभी तक नहीं बता पाई है कि असल में दोषी कौन है? बड़े लोगों को बचाया जाए, छोटे लोगों को फंसाया जाए, इसी नीति पर भाजपा खुद को बचाने की कोशिश कर रही है। हालंकि, वो इसमें कामयाब नहीं होंगे। इस बार जनता को पता चल चुका है कि इनका हिंदुत्व किस तरह का है और किस तरह की अमर्यादित हरकतों को भी हिंदुत्व ही कह रही है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इसकी जगह उच्चस्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं कि आई वॉश करके जांच को एसआईटी जैसा अभी उत्तर प्रदेश की सरकार ने एसआईटी बनाया है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। इसमें जुडिशियरी के कोई बड़े और वर्तमान जज को शामिल किया जाए, तब यह दूध का दूध और पानी का पानी होगा।

राम मंदिर चंदा चोरी मामले के बीच दत्तात्रेय होसबाले के बयान पर हसन ने सवाल किया कि क्या चोरी हुई ही नहीं है। दत्तात्रेय होसबाले बताएं कि राम मंदिर में चोरी नहीं हुई है? और सवाल कौन उठा रहे हैं? हिंदुत्ववादी लोग ही सवाल उठा रहे हैं। इसमें तो कोई मुसलमान नहीं है, न मुसलमान उस मैनेजमेंट में है, न मुसलमानों ने कोई बयान दिया है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पूरा मामला केवल 'आई वॉश' है। हिंदू को बचाने का आह्वान आज 12 साल से सुन रहे हैं। लेकिन, हिंदू तो खतरे में कभी नहीं था। भाजपा के आने के पहले भी दूसरी सरकारें थीं, तब भी हिंदू खतरे में नहीं था। अचानक अब हिंदू खतरे में हो गया है। केवल ये लोग खुद को बचाने के लिए ये नारा दे रहे हैं। लेकिन ये छिप नहीं पाएंगे, जनता इस बार उनसे अच्छी तरह सवाल पूछेगी।

--आईएएनएस

पीएसके