एसआईआर को लेकर सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
लखनऊ, 7 फरवरी (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर लागू होने के बाद 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
रविदास मेहरोत्रा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि फॉर्म-7 के माध्यम से करीब एक करोड़ एक लाख फॉर्म भरवाकर मतदाताओं के नाम काटने की साजिश रची जा रही है। हालांकि, दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय-सीमा एक माह के लिए बढ़ा दी गई है, लेकिन इसके बावजूद एसआईआर लागू होने से जनता में चुनाव आयोग के प्रति जबरदस्त गुस्सा है।
मेहरोत्रा ने कहा कि हालात ऐसे बन गए हैं कि जनता यह मांग कर रही है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने कार्यालय पर भारतीय जनता पार्टी का झंडा लगा लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।
रविदास मेहरोत्रा ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री स्वयं काला कोट पहनकर सुप्रीम कोर्ट में बहस करने जा रही हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग मिलकर मतदाताओं के नाम सूची से काटने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व मतदाता सूची में योग्य लोगों के नाम जोड़ना है, लेकिन इसके विपरीत आयोग लोगों के नाम काटने का काम कर रहा है। इसी वजह से देशभर में चुनाव आयोग के खिलाफ जनता में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने मांग की कि आगामी सभी चुनाव सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराए जाने चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बना रहे।
समाजवादी पार्टी के विधायक ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा पूरे देश में नफरत की राजनीति फैला रही है, जिससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी भाजपा हिंदू राष्ट्र की बात करती है और कभी शंकराचार्य का अपमान करने का काम करती है। रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि इस तरह की राजनीति से देश का सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है और लोकतंत्र को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
--आईएएनएस
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