एसआईआर पर मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गयाः मंत्री सतीश जारकीहोली
बेंगलुरु, 30 अक्टूबर (आईएएनएस) कर्नाटक सरकार के पीडब्लूडी मंत्री सतीश जारकीहोली ने अपने उस बयान को लेकर स्पष्टीकरण दिया है, जिसका मतलब एसआईआर का समर्थन करना था। सोशल मीडिया एक्स पर जारी बयान में मंत्री ने कहा कि एसआईआर पर मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया है।
एक्स पोस्ट में मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा, "स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के संबंध में मीडिया के सामने दिए गए मेरे बयान का गलत अर्थ निकाला गया है। मेरा आशय यह था कि अन्य राज्यों की तुलना में हमने कर्नाटक में अपने राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के मार्गदर्शन में 'फॉर्म 7' के जरिए मतदाता सूची से कांग्रेस समर्थकों के नाम हटाने की भाजपा की साजिश को नाकाम कर दिया है। मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया, जिससे यह लगे कि एसआईआर प्रक्रिया सही है।"
मंत्री ने आगे कहा, "कर्नाटक में हमने 'फॉर्म 7' के माध्यम से पात्र मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिशों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। हमने अपने बेलगावी जिले से इस लड़ाई की शुरुआत की और इन प्रयासों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया। पात्र मतदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित करने की किसी भी कोशिश के खिलाफ मेरा रुख हमेशा से दृढ़ रहा है।"
जारकीहोली ने कहा, "मैं मतदाता सूची से पात्र मतदाताओं के नाम अवैध रूप से हटाने के किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध करता हूं। लोकतांत्रिक मूल्यों और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए मैं अपने नेता राहुल गांधी के साथ मजबूती से खड़ा हूं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरे बयान का गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए और इसके वास्तविक आशय को सही संदर्भ में समझा जाना चाहिए।"
इससे पहले भाजपा ने एक्स पर मंत्री सतीश जारकीहोली का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा था, "कांग्रेस नेता लगातार राहुल गांधी के एसआईआर-विरोधी रुख के उलट बयान दे रहे हैं। कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री सतीश जारकीहोली ने कर्नाटक की एसआईआर प्रक्रिया का बचाव किया। उन्होंने लगभग एक करोड़ नामों को हटाए जाने को सही ठहराते हुए कहा कि इनमें डुप्लिकेट, मृत और दूसरी जगह चले गए मतदाताओं के नाम शामिल थे। संदेश साफ है कि खुद कांग्रेस नेता भी एक साफ-सुथरी मतदाता सूची की जरूरत को समझते हैं, जिससे राहुल गांधी की लोकतंत्र-विरोधी राजनीति बेनकाब हो गई है।"
--आईएएनएस
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