एसआईआर मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, भाजपा ने कांग्रेस को घेरा- विपक्ष का सिर्फ मृत वोटरों की चिंता
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसआईआर पर दिए गए फैसले पर भाजपा नेताओं ने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रहित से ज्यादा मृत वोटरों की चिंता है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि चुनाव आयोग के पास लोकतंत्र को मजबूत करने और वोटर लिस्ट में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संवैधानिक अधिकार है। एसआईआर को लेकर भ्रम पैदा करने की विपक्ष की कोशिश को आज न्यायपालिका से कड़ा जवाब मिला है।
उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ और बड़े पैमाने पर पलायन के संदर्भ में वोटर लिस्ट को शुद्ध करना समय की जरूरत है। कांग्रेस नेतृत्व 'मृत वोटरों' यानी ऐसे वोट जो अब मौजूद नहीं हैं, फर्जी वोट और घुसपैठियों के वोटों को लेकर ज्यादा चिंतित नजर आता है। सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष को करारा जवाब दिया है।
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर के पक्ष में फैसला दिया है। मेरा मानना है कि यह उन लोगों के मुंह पर एक तमाचा है जो एसआईआर के मुद्दे पर राजनीति कर रहे थे। यह वही एसआईआर प्रक्रिया है, जिसका जिक्र राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया था, जहां उन्होंने कर्नाटक की वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के बारे में बात की थी।
उन्होंने आगे कहा कि जब उन गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए एसआईआर लाया गया, तो उसका भी विरोध किया गया। बिहार और बंगाल की जनता से मुंह की खानी के बाद भी वह अफवाह फैलाने से बाज नहीं आए। एसआईआर के नाम पर विपक्ष को दुकान बंद करनी चाहिए और आत्मचिंतन करना चाहिए कि जनता उन्हें वोट क्यों नहीं दे रही है।
दूसरी ओर, जनसांख्यिकीय बदलाव पर गृह मंत्रालय की ओर से एक उच्च-स्तरीय समिति गठित किए जाने के मामले में भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि यह एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। यदि कोई जनसांख्यिकीय बदलाव होता है तो इसका अर्थ है कि किसी प्रकार का दीर्घकालिक परिवर्तन हो रहा है और कहीं न कहीं कुछ गलत हो रहा हो सकता है। हमने देखा है कि स्वतंत्रता के समय से लेकर अब तक पाकिस्तान में जनसंख्या का स्वरूप पूरी तरह से बदल गया है। उस बदलाव के पीछे निश्चित रूप से कुछ न कुछ गलत हुआ होगा। आज, हमारे देश को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। यदि किसी षड्यंत्र या किसी अन्य कारण से कोई असामान्य जनसांख्यिकीय बदलाव होता है तो सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि टीएमसी की पोल खुल चुकी है। जो कल तक कह रहे थे कि कोई घुसपैठिया नहीं है, वे अब बताएं कि वे कौन लोग हैं जो जाने लगे हैं। भाजपा हमेशा से कह रही है कि घुसपैठ राष्ट्रीय मुद्दा है, देश का मुद्दा है और यह कोई चुनावी मुद्दा नहीं। यह उसी बात का सबूत है। टीएमसी इन्हीं लोगों के सहारे आज तक पश्चिम बंगाल की जनता को बेवकूफ बना रही थी, उन्हें लूट रही थी और उनका अधिकार घुसपैठियों को देती रही। आज उन्हें जवाब देना है। मैं सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जनता से कहना चाहूंगा कि यही विपक्ष की हकीकत है। किसी भी प्रकार से घुसपैठियों को यहां लाओ, उन्हें वोटर बनाओ और अपनी दुकान चलाओ।
--आईएएनएस
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