एसआईआर को लेकर केंद्र पर बरसे क्लाइड क्रैस्टो, बोले- 13 करोड़ नाम हटाने का जवाब दे सरकार
मुंबई, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। एनसीपी-एसपी के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने एसआईआर को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार हर किसी को रोक रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोग शांतिपूर्वक विरोध कर अपने मौलिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं तो सरकार सीजेपी, इंडिया गठबंधन और आम लोगों को क्यों रोक रही है।
क्लाइड क्रैस्टो ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी सरकार को किस बात का डर है? भारत के लोग एसआईआर को लेकर कुछ सवाल पूछ रहे हैं। उन्हें उनका जवाब देना चाहिए। अब भले ही कॉकरोच जनता पार्टी शांतिपूर्वक विरोध कर रही हो, सरकार उन्हें क्यों रोक रही है? सरकार हर किसी को रोक रही है। वह सीजेपी को रोक रही है। वह इंडिया गठबंधन को रोक रही है। वह आम लोगों को भी रोक रही है। आम लोग भी एसआईआर को लेकर अपने सवालों के जवाब मांग रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें रोक रही है तो वे किस बात से डर रहे हैं? वे ज्ञानेश कुमार को इतना क्यों बचा रहे हैं?"
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि सरकार को भारत की जनता को जवाब देना चाहिए। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों की अनुमति दी जानी चाहिए। ये हमारे मौलिक अधिकार हैं। हम वोट देने के अपने मौलिक अधिकार की मांग कर रहे हैं। नाम क्यों मिटाए जा रहे हैं? भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार किस बात से डर रही है, यह सवाल है।
क्रैस्टो ने कहा कि हर कोई अपने मौलिक अधिकार की मांग कर रहा है। एसआईआर का मुद्दा यह है कि 13 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। तो भारत के लोग सीधे सवाल पूछ रहे हैं कि हमारे नाम क्यों हटाए गए? यदि सीजेपी शांतिपूर्ण विरोध कर रहा है, तो सरकार उन्हें क्यों रोक रही है?
उन्होंने कहा कि यदि इंडिया ब्लॉक विरोध कर रहा है और सवाल पूछ रहा है, तो सरकार उन्हें क्यों रोक रही है? आप पूरे दिल्ली को बंद कर रहे हैं, दिल्ली जाने वाली ट्रेनें रोकी जा रही हैं, मेट्रो रोकी जा रही हैं। सरकार का यह कैसा व्यवहार है, यह सवाल है। वे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को विपक्ष द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देने की अनुमति दे सकते हैं। विपक्ष ने ज्ञान प्रकाश से मिलने का अनुरोध किया था। उसकी अनुमति नहीं दी गई। मुख्य न्यायाधीश का यह विशेषाधिकार है कि वे किसी से मिलना चाहें या न। उन्होंने कहा, ठीक है, मैं उनसे नहीं मिल सकता। यह उचित है लेकिन हमें जवाब चाहिए। इसलिए जब तक हमें जवाब नहीं मिलते, शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा।
एनसीपी एसपी प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को भारत की जनता को जवाब देना होगा कि 13 करोड़ नाम क्यों हटाए गए और वे ज्ञान प्रकाश का बचाव क्यों कर रहे हैं। राहुल गांधी बिल्कुल सही कह रहे हैं। युवा पीढ़ी को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? पहले तो उन लोगों के नाम हटाए जा रहे थे जिनके नाम पहले से थे। अब नई पीढ़ी, जेन-जी आ रही है। वे बहुत सवाल पूछ रहे हैं, इसलिए वे उन्हें जोड़ना नहीं चाहते।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने महसूस कर लिया है कि नई पीढ़ी भी उनके पक्ष में नहीं है। इसलिए वे इतने सारे सवाल पूछ रहे हैं कि उनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं। तो बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, वही दिल्ली पुलिस को निर्देशित कर रही है। रिकॉर्ड पर आरएसएस के लोग हैं, वीडियो में आप देख सकते हैं कि लोग, गुंडे वहां जाकर महिलाओं को पीट रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? उन लोगों के खिलाफ चुनिंदा कार्रवाई क्यों की जा रही है जो आम मौलिक अधिकार मांग रहे हैं?
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को शर्मनाक तरीके से घसीटा जा रहा है। इसलिए मुझे लगता है कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार को हर नागरिक के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। यह भेद नहीं करना चाहिए कि जो लोग उनका समर्थन करते हैं वे अच्छे हैं और जो उनका समर्थन नहीं करते वे बुरे हैं। यह सही नहीं है।
क्लाइड क्रैस्टो ने कहा कि हम एक साधारण कारण से विरोध कर रहे हैं, हम इस बात का जवाब मांग रहे हैं कि 13 करोड़ नाम क्यों हटा दिए गए। उन नामों को चुनावी सूची में वापस डाला जाना चाहिए क्योंकि वे मतदाता थे। उन्हें ज्ञानश कुमार ने हटा दिया। ज्ञानेश कुमार विपक्ष से मिलने को तैयार क्यों नहीं हैं? भाजपा उनकी रक्षा क्यों कर रही है? तो जब तक हमें जवाब नहीं मिल जाते, जब तक हमें हमारे मौलिक अधिकार नहीं मिल जाते, हमारा लोकतंत्र सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
एनसीपी एसपी के प्रवक्ता फैजान मिर्जा ने कहा कि जनवरी 2025 में किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र में एक कैंपेन शुरू किया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि मुस्लिम कम्युनिटी में बांग्लादेशी और रोहिंग्या समेत बोगस वोटर हैं। कुछ लोगों ने देश की ज्यादातर आबादी में यह कहकर डर पैदा करने की कोशिश की कि अगर मुस्लिम कम्युनिटी के बोगस वोटर वोट देते रहे, तो इससे देश में मुस्लिम लीडरशिप उभरेगी। मेरा पक्का मानना है कि यह डर पैदा करने के लिए किरीट सोमैया जिम्मेदार थे।
--आईएएनएस
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