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सिख युवक को ‘हिरासत में यातना’ को लेकर भाजपा ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना, जांच की मांग

 

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब के संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाने वाले सिख युवक को कथित तौर पर हिरासत में यातना दिए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए मामले की जांच की मांग की है।

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी एक वीडियो संदेश में भाजपा सांसद ने कहा कि यदि यह सत्य है कि एक व्यक्ति को पुलिस कस्टडी में मारा जा रहा था और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान उसे सीधे देख रहे थे, तो पंजाब सरकार को इस पर दो टूक सफाई देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आरोप सीधे मुख्यमंत्री पर है। इसलिए उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि उस समय वास्तव में क्या हुआ था और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करानी चाहिए। कॉल रिकॉर्ड, उस समय की डिजिटल लाइव कॉल और अन्य साक्ष्यों से सच्चाई सामने आ सकती है। अगर पंजाब सरकार इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं देती है, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है कि उसकी संवैधानिक मूल्यों, मानवाधिकारों और कानून की प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता कितनी है।

भाजपा सांसद ने कहा कि ऐसे मामलों में संविधान और कानून की मर्यादा की रक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं स्वाभाविक हैं।

इससे पहले सुधांशु त्रिवेदी ने सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) मामले को लेकर शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जहां तक सहारनपुर की घटना का सवाल है, एजेंसियां और सरकार के जो भी विभाग शामिल हैं, वे कानून के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं। इसलिए इसे राजनीतिक नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है, न ही किसी इमारत को उसकी धार्मिक पहचान के नजरिए से देखने की जरूरत है। कोई भी ढांचा हो, उसे केवल इस नजरिए से देखना चाहिए कि वह कानूनी है या गैरकानूनी।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि झारखंड में जेपीएससी की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वो बहुत हैरान करने वाले हैं और कांग्रेस नीत इंडिया ब्लॉक की छात्र हितों को लेकर असली हकीकत को बयां करते हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जांच में यह सामने आया है कि असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर की परीक्षा में स्ट्रॉन्ग रूम को तोड़कर प्रश्न पत्रों को निकाला गया और उसके अंदर बदलाव किया गया। अर्थात झारखंड में जो कुछ हुआ, ये पेपर लीक नहीं, बल्कि ये पेपर लूट है। उन्होंने सवाल किया कि ये लूट की छूट कौन दे रहा है, इसका जवाब राहुल गांधी को देना चाहिए।"

--आईएएनएस

एमएस/