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सिख धर्म के दूसरे गुरु श्री गुरु अंगद देव जी के प्रकाश पर्व पर अमित शाह और राजनाथ सिंह दी शुभकामनाएं

 

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। गुरुमुखी लिपि के अविष्कारक और सिख धर्म के दूसरे गुरु श्री गुरु अंगद देव जी के प्रकाश पर्व पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुभकामनाएं दी हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "गुरु अंगद देव जी ने सेवा, भक्ति और समाज सुधार को अपने जीवन का मूल आधार बनाया। उन्होंने गुरुमुखी लिपि के विकास के माध्यम से सिख धर्म का प्रचार-प्रसार किया और लंगर परंपरा के माध्यम से समानता और एकता का मंत्र दिया। उनकी वाणी आज भी हमें सच्चाई, समर्पण और मानवता की राह पर चलने की प्रेरणा देती है। सिख धर्म के दूसरे गुरु श्री गुरु अंगद देव जी के प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।"

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है, "गुरु अंगद देव जी के प्रकाश पर्व के शुभ अवसर पर मैं इस पूजनीय आध्यात्मिक गुरु और सिख धर्म के दूसरे गुरु को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने शिक्षा, निस्वार्थ सेवा और सामाजिक सद्भाव की नींव को सुदृढ़ किया। गुरुमुखी लिपि को मानकीकृत करने में उनका योगदान, जो आगे चलकर पंजाबी भाषा का आधार बनी, हमारी सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध करता है और आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा। उनकी शिक्षाएं हमें एक एकजुट, करुणापूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करती हैं।"

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर पोस्ट किया, "पूजनीय श्री गुरु अंगद देव जी के प्रकाश पर्व पर समस्त संगत को हार्दिक बधाई।"

गुरु अंगद देव सिखों के दूसरे गुरु थे। गुरु नानकदेव द्वारा पंजाबी लिपि के वर्णों में फेरबदल कर गुरु अंगद देव ने गुरुमुखी लिपि की एक वर्णमाला का निर्माण किया। यह लिपि जल्द ही लोगों में लोकप्रिय हो गई थी। उन्होंने बच्चों की शिक्षा में विशेष रुचि ली और नवयुवकों के लिए मल्ल-अखाड़ा की प्रथा शुरू की थी। गुरु अंगद साहिब जी का जन्म फिरोजपुर जिले के हरीके नामक गांव में हुआ था। अंगद देव का पूर्व नाम लहना था। इनके पिता व्यापारी फेरू और माता का नाम माता रामो देवी था।

--आईएएनएस

ओपी/वीसी