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श्रीनगर में हथियार और गोला-बारूद के साथ दो लोग गिरफ्तार

 

श्रीनगर, 12 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को बताया कि श्रीनगर जिले में चेकिंग के दौरान हथियार, गोला-बारूद और प्रतिबंधित आतंकी संगठन, लश्कर-ए-तैयबा के पोस्टरों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की एक टीम ने नियमित चेकिंग के दौरान श्रीनगर के बाबा डेम इलाके के पास बाइक पर सवार दो लोगों को रोका।

उन्होंने बताया कि दोनों को रोका गया और तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक पिस्तौल, तीन मैगजीन, 21 जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और एलईटी के 10 पोस्टर बरामद किए।

अधिकारियों ने कहा कि यूएपीए और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। उनकी पहचान मालपोरा हब्बा कदल के फैसल अहमद भट और राजौरी कदल के फैसल अहमद गुरु के रूप में हुई है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल आतंकवादियों, उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स और हमदर्दों के खिलाफ जोरदार अभियान चला रहे हैं। ये अभियान संशोधित सुरक्षा रणनीति का हिस्सा हैं, जिसका मकसद सिर्फ बंदूक चलाने वाले आतंकवादियों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय आतंकवाद के पूरे समर्थन तंत्र को निशाना बनाना है।

जहां पुलिस और सुरक्षा बल अंदरूनी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाते हैं, वहीं सेना और सीमा सुरक्षा बल जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तैनात हैं।

सेना द्वारा पहरा दी जाने वाली एलओसी 740 किलोमीटर लंबी है, जो घाटी के बारामूला, कुपवाड़ा, और बांदीपोरा जिलों और जम्मू संभाग के पुंछ, राजौरी, और आंशिक रूप से जम्मू जिले में फैली हुई है।

इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में 240 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा है, जिसकी सुरक्षा सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में बीएसएफ करती है।

सेना सीमा पार से आतंकी संगठनों द्वारा पाकिस्तान सेना और आईएसआई के समर्थन से की जाने वाली घुसपैठ, बाहर निकलने की कोशिशों, तस्करी और ड्रोन गतिविधियों को रोकते हैं।

आतंकी संगठन केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद को बनाए रखने के लिए हथियार, गोला-बारूद, नकदी और नशीले पदार्थों की खेप गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करते हैं। इन पेलोड्स को ओवरग्राउंड वर्कर द्वारा उठाया जाता है और आतंकवादियों तक पहुंचा दिया जाता है।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीएससी