श्री चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचीं मन्नारा चोपड़ा, महिषासुर वध की कथा से जुड़ा है इतिहास
मुंबई, 25 मार्च (आईएएनएस)। पूरे देश में चैत्र नवरात्रि की धूम है। सभी देवी मंदिरों में हर दिन माता के नौ अलग-अलग रूपों की विधि अनुसार पूजा-अर्चना की जा रही है।
इसी बीच अत्रिनेत्री और मॉडल मन्नारा चोपड़ा ने कर्नाटक के मैसूर में स्थित एक प्रसिद्ध और प्राचीन श्री चामुंडेश्वरी मंदिर के परिसर से कुछ बेहद ही खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो शेयर किया है।
अभिनेत्री ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' से पीले रंग की साड़ी पहने खूबसूरत तस्वीरों को शेयर करते हुए, पोस्ट कैप्शन के माध्यम से अपने फैंस को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। ऐसे में क्या आप श्री चामुंडेश्वरी मंदिर और इसकी खासियत के बारे में जानते हैं? अगर नहीं, तो आइए हम आपको इसके बारे में बताते हैं।
श्री चामुंडेश्वरी मंदिर कर्नाटक के मैसूर में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है, जो चामुंडी पहाड़ियों की चोटी पर 3,300 से ज्यादा फीट की ऊंचाई पर स्थित है। देवी दुर्गा को समर्पित इस मंदिर को शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहां माता सती के केश गिरे थे।
यह मंदिर शक्ति, युद्ध और विजय की देवी चामुंडा को समर्पित है। मान्यता है कि 12वीं शताबदी में होयसला राजवंश के राजाओं ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर अपनी धार्मिक महत्ता के साथ मनोरम दृश्य के लिए काफी प्रसिद्ध है। मंदिर की पहाड़ी से पूरे मैसूर शहर का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है।
यह मान्यता है कि देवी दुर्गा ने इसी पहाड़ी की चोटी पर राक्षस महिषासुर का वध किया था। मंदिर के गर्भगृह में माता चामुंडेश्वरी देवी की एक अष्टभुजाओं से सुसज्जित प्रतिमा स्थापित है। नवारात्रि के दौरान मंदिर में पूरे नौ दिन माता के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। इस समय मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी तादाद में भीड़ उमड़ती है। देश-विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक और भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं।
--आईएएनएस
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