श्रेयस कप्तानी के लिए बेहतरीन उम्मीदवार, सूर्यकुमार के बारे में फैसला लेना मुश्किल था: अगरकर
मुंबई, 6 जून (आईएएनएस)। भारत क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा कि श्रेयस अय्यर पुरुषों की टी20 टीम के नए कप्तान बनने के लिए जरूरी अनुभव के साथ एक बेहतरीन उम्मीदवार हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी स्वीकारा है कि सूर्यकुमार यादव को पूरी तरह से नजरअंदाज करना मुश्किल फैसला था, जिन्होंने तीन महीने पहले ही टीम को वर्ल्ड कप जिताया था।
एक तरफ, श्रेयस अय्यर को आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे के अलावा, एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि सूर्या को इन तीनों टीमों में शामिल नहीं किया गया है।
31 वर्षीय अय्यर ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था, लेकिन आईपीएल में कप्तानी का उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। अय्यर ने आईपीएल 2020 में दिल्ली कैपिटल्स को फाइनल तक पहुंचाया, जिसके बाद साल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को खिताब जिताया। आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स को उप-विजेता बनाया।
अगरकर ने शनिवार को बीसीसीआई हेडक्वार्टर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "श्रेयस के बारे में बात करें तो जाहिर है, हमने देखा है कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में क्या किया है। अय्यर ने अलग-अलग फ्रेंचाइजी की कप्तानी की, एक बार जीते, दो बार फाइनल में पहुंचे, और शायद इस साल अच्छी शुरुआत के बाद उनका सीजन थोड़ा मुश्किल रहा। तो हमने बतौर कप्तान उनकी हर खूबी देखी है। उनका अपना प्रदर्शन भी वाकई बहुत अच्छा रहा है।"
उन्होंने कहा, "अय्यर उस वर्ल्ड कप टीम में शामिल होने के बहुत करीब थे। जाहिर है, सूर्या के वहां होने की वजह से उनके लिए कोई जगह नहीं थी। इसलिए, मेरी राय में, वह एक बेहतरीन उम्मीदवार हैं, जिनके पास टी20 फॉर्मेट में कप्तानी करने का काफी अनुभव है। जाहिर है, यह एक अलग चुनौती है।"
35 वर्षीय सूर्यकुमार हाल के महीनों में बल्ले से संघर्ष करते नजर आए हैं, जो टी20 वर्ल्ड की 9 पारियों में सिर्फ 242 रन ही बना सके, जिसमें यूएसए के खिलाफ नाबाद 84 रन की पारी शामिल थी। आईपीएल 2026 में उनकी फॉर्म में और भी ज्यादा गिरावट आई, जहां 13 पारियों में 20.76 की औसत से सिर्फ 270 रन बनाए, उनकी टीम मुंबई इंडियंस प्वाइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर रही।
सूर्यकुमार को हटाने के बारे में अगरकर ने माना कि यह एक मुश्किल फैसला था। उन्होंने कहा, "सूर्या के मामले में, जाहिर है कि यह एक मुश्किल फैसला था, क्योंकि उन्होंने अभी-अभी वर्ल्ड कप जीता था। लेकिन जैसा कि होता है, ज्यादातर वर्ल्ड कप के बाद, आप यह दोबारा सोचते हैं कि आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका क्या है। कुछ हद तक उनकी अपनी फॉर्म, लेकिन अगले दो साल के चक्र या अगले वर्ल्ड कप तक दो साल से ज्यादा के समय को देखते हुए भी। हमने सोचा कि आगे बढ़ने का यही सबसे अच्छा तरीका है और जैसा कि मैंने कहा, सूर्या एक बहुत अच्छे कप्तान हैं। मेरा मतलब है, बेशक, यह एक मुश्किल फैसला है। जिसने आपको वर्ल्ड कप जिताया हो, उसे बदलना कोई आसान काम नहीं है। लेकिन उस वर्ल्ड कप के बाद हमने कोई इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला है। कुछ हद तक फॉर्म, लेकिन कुछ हद तक हम आगे कैसे बढ़ें, यह भी हमेशा दिमाग में रहता है। हमारी राय में, नए कप्तान के मामले में श्रेयस के साथ आगे बढ़ना सही था।"
तिलक वर्मा को नया उप-कप्तान बनाया गया है और अगरकर ने कहा कि यह फैसला लंबे समय के विजन को ध्यान में रखकर लिया गया। उन्होंने कहा, "शुभमन गिल उस वर्ल्ड कप से पहले उप-कप्तान थे, जब हमने टॉप पर दो कीपर रखने का फैसला किया था और वे टीम में जगह नहीं बना पाए थे। फिर अक्षर पटेल उप-कप्तान बने और उन्होंने शुभमन गिल की जगह ली। मुझे लगता है कि श्रेयस अय्यर की तरह ही, हम अगले दो साल के चक्र के लिए सबसे अच्छी चीज देख रहे थे। तिलक, पहली बात तो यह कि वह एक शानदार खिलाड़ी हैं और इससे उन्हें यह काम सीखने का मौका भी मिलता है, ताकि अगर कभी जरूरत पड़े तो वे तैयार रहें।"
श्रेयस और तिलक के बारे में आगे बात करते हुए अगरकर ने समझाया, "यह लगभग एक नई शुरुआत की तरह है। हमने जून 2024 में यूएसए और कैरिबियन में वर्ल्ड कप खेला था, और यह फरवरी-मार्च का समय था, यानी असल में दो साल भी नहीं हुए थे। लेकिन अगले टूर्नामेंट के लिए हमारे पास थोड़ा ज्यादा समय है। जैसा कि मैंने कहा, मुझे लगता है कि श्रेयस अपने प्रदर्शन, खासकर बल्लेबाजी के दम पर इसके पूरी तरह हकदार हैं। मुझे लगता है कि सबसे पहले, उन्हें टीम में खिलाड़ी के तौर पर अपनी जगह पक्की करनी चाहिए। यह शायद थोड़ा अजीब है कि वह टीम में नहीं थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वह टीम में शामिल होने के बहुत करीब थे। बात बस इतनी थी कि जिन नंबरों पर वह बल्लेबाजी करते हैं, वहां सूर्यकुमार और तिलक खेल रहे थे, इसलिए उन्हें जगह नहीं मिल पाई। अब जब उन्हें जगह मिल गई है, तो मुझे लगता है कि जैसा मैंने कहा, उन्होंने यह अपनी मेहनत से हासिल किया है।"
सूर्या के साथ हुई बातचीत के बारे में अगरकर ने बताया, "जाहिर है, आप पिछले कुछ वर्षों में उनके फ़ॉर्म को देखते हैं। लेकिन वह कप्तान थे, उनकी कप्तानी में हम बहुत अच्छा खेल रहे थे। कई मैच जीते और आखिरकार वर्ल्ड कप भी जीता। जाहिर है, हमने इस पर काफी सोच-विचार किया, खासकर तब जब किसी ने आपको वर्ल्ड कप जिताया हो। ऐसी बातचीत करना आसान नहीं होता। लेकिन मुझे नहीं लगता कि, किसी न किसी मोड़ पर हमें आगे के बारे में सोचना ही था। अब, क्या मुझे लगता है कि आईपीएल फॉर्म की वजह से ऐसा हुआ? मुझे पक्का नहीं पता कि ऐसा ही है। इस बारे में हमेशा बातचीत होती रही है। श्रेयस जिस तरह से खेल रहे हैं, खासकर बल्लेबाजी में, उससे कभी-कभी फैसला लेना थोड़ा आसान हो जाता है।"
उन्होंने कहा, "स्काई (सूर्या) के मामले में, मुझे नहीं लगता कि मुझे कोई अंदर की बात बतानी चाहिए। मेरा मतलब है, यह सूर्या और मेरे बीच की बातचीत है। देखिए, हम जानते हैं कि वह ऐसे कप्तान रहे हैं जिन्होंने अभी-अभी वर्ल्ड कप जीता है। इसलिए जब आप खिलाड़ी को यह बात बताना चाहते हैं, तो बातचीत आसान नहीं होती। लेकिन आप जो कुछ भी करते हैं, वह टीम की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर करते हैं।"
--आईएएनएस
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