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मौलाना साजिद रशीदी का आदर्श ओसामा बिन लादेन रहा होगा: मिथिलेश तिवारी

 

पटना, 6 अगस्‍त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने मौलाना साजिद रशीदी की उस कथित टिप्पणी की निंदा की, जिसमें उन्होंने कांवड़ यात्रियों की तुलना आतंकवादियों से की थी। उन्होंने इस बयान को अस्वीकार्य और भक्तों का अपमान करने वाला बताया।

बिहार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि मौलाना साजिद रशीदी का आदर्श ओसामा बिन लादेन रहा होगा, इसीलिए वह इस प्रकार की भाषा बोल रहे हैं। इस तरह की भाषा को देश में स्‍वीकार नहीं किया जा सकता है। रामभक्‍तों और शिवभक्‍तों पर इस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले को दोजख में भी जगह नहीं मिलेगी। उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवभक्‍तों पर फूलों की वर्षा करते हैं। वहीं, बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने कांवड़ यात्रियों के लिए रास्‍ते को आसान बनाने के लिए बालू बिछाया है।

बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि समाज के सभी धर्मों में कुछ ऐसे लोग हैं, जो विक्षिप्‍त होते हैं। इस तरह के लोगों के पास कोई काम नहीं होने के कारण वे कुछ से कुछ बोलते रहते हैं और सुर्खियों में बने रहते हैं।

भाजपा नेता पवन जायसवाल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मौलाना की शिवभक्‍तों के प्रति यह भाषा दुर्भाग्‍यपूर्ण है। इस तरह के लोगों को राष्ट्रद्रोह के केस में जेल में डाल देना चाहिए, तब समझ में आएगा कि आतंकवादी कौन है। ऐसी भाषा का इस्‍तेमाल करने वाला व्‍यक्ति खुद आतंकवादी है। मौलाना द्वेष फैलाकर समाज को बांटना चाहता है। यह एफसीआरए कानून का असर दिख रहा है। ये मौलाना अब फर्जी मदरसों में फंडिंग पर रोक लगाने से बौखलाए हैं। मौलाना रशीदी के बयान पर संज्ञान लेकर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।

वहीं, आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि हर धर्मावलंबी की अपनी-अपनी आस्‍था होती है। किसी भी पंथ के मानने वाले लोगों को किसी धर्मावलंबी को दूसरे धर्म को मानने वाली आपत्तिजनक टिप्‍पणी से बचाना चाहिए। इस तरह के लोग खुद के धर्म के भी नहीं होते हैं और समाज में नफरत फैलाते हैं। आस्‍था पर आघात पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी