शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए, मंत्रिमंडल में फेरबदल से समस्याएं नहीं सुलझेंगी: संजय राउत
मुंबई, 24 जुलाई (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की अटकलों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केवल मंत्रियों की अदला-बदली से देश की समस्याओं का समाधान नहीं होने वाला है। शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सबसे पहले शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय होनी चाहिए थी।
संजय राउत ने कहा कि कैबिनेट में फेरबदल की जरूरत थी, लेकिन सबसे पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए था। सिर्फ बदलाव करने से कुछ नहीं होगा। अगर प्रधानमंत्री को यह नहीं पता कि देशभर में आग क्यों लगी है, तो उन्हें राहुल गांधी से बात करनी चाहिए।
राउत ने आरोप लगाया कि देशभर में युवाओं के बीच बढ़ते असंतोष और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। सरकार को केवल प्रशासनिक बदलावों के बजाय उन मूल कारणों पर ध्यान देना चाहिए, जिनकी वजह से छात्र और युवा आंदोलन कर रहे हैं।
संजय राउत ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सोनम वांगचुक की मुलाकात और वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल खत्म किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वांगचुक का अनशन समाप्त होना खुशी की बात है, लेकिन जिस तरह से यह पूरा घटनाक्रम हुआ, उससे आंदोलन में शामिल युवाओं की भावनाओं को ठेस पहुंची।
राउत ने कहा कि 12 बजे अनशन छोड़ने का कोई तय समय नहीं था। आपको जंतर-मंतर से उठाकर ले जाया गया था। 26 दिन बाद आपका अनशन खत्म हुआ, यह खुशी की बात है, लेकिन अगर जिस मंच से आपको हटाया गया था, उसी मंच पर जाकर आपका अनशन समाप्त होता, तो सबकी प्रतिष्ठा बनी रहती।
उन्होंने आगे कहा कि आंदोलन के दौरान जिन छात्रों और युवाओं ने लाठियां खाईं, घायल हुए और संघर्ष किया, उनके सम्मान का भी ध्यान रखा जाना चाहिए था। जो बच्चे वहां थे, जिन्होंने आपके लिए लाठियां खाईं, खून बहाया और अपनी हड्डियां तुड़वाईं, उनकी प्रतिष्ठा भी बनी रहती। अगर किसी ऐसी बच्ची, जिसने आंदोलन में लाठियां खाई थीं, के हाथ से आप जूस पीकर अपना अनशन समाप्त करते, तो यह बहुत बड़ी बात होती।
--आईएएनएस
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