शिक्षा को धर्म से नहीं जोड़ सकते, उमर अब्दुल्ला को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं: श्याम रजक
पटना, 12 जुलाई (आईएएनएस)। जेडीयू विधायक और बिहार के पूर्व मंत्री श्याम रजक ने बांकीपुर चुनाव को लेकर भाजपा पर आरजेडी के आरोप और उत्तराखंड में मदरसों का अनुदान रोकने समेत कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
उत्तराखंड सरकार द्वारा मदरसों की ग्रांट (अनुदान) बंद करने के फैसले पर जेडीयू विधायक श्याम रजक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "हमारा ध्यान सभी के लिए शिक्षा पर है। प्रधानमंत्री ने भी इसी विजन पर जोर दिया है। पहले भी गांधी और अंबेडकर जैसे नेताओं ने सभी के लिए शिक्षा की वकालत की थी। जब हम सभी के लिए शिक्षा की बात करते हैं, तो इसे जाति या धर्म के आधार पर नहीं बांटा जा सकता।"
उन्होंने कहा कि नीतियां बनाई जा सकती हैं, लेकिन शिक्षा को विभक्त करना गैर संवैधानिक होगा। संविधान में स्पष्ट कहा गया है कि निचले पायदान के लोगों को विशेष सुविधा देकर देश को आगे बढ़ाने का काम किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री का निरंतर प्रयास है कि 2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाना है। इसके लिए हर तबके के लोगों को साथ लेकर चलने की जरूरत है। पीएम ने हमेशा से कहा है कि एक देश-एक कानून और एक शिक्षा होनी चाहिए।
वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के बयान पर श्याम रजक कहते हैं, "तुषार मेहता एक बहुत सम्मानित कानूनी विशेषज्ञ और मंझे हुए वकील हैं। अगर उन्होंने कोई बयान दिया है, तो वह कानून के मुताबिक ही होगा। यह भी सच है कि 'मनुवाद' हिंदू धर्म का मूल हिस्सा नहीं है; बल्कि कुछ लोग मनुस्मृति की ऐसी व्याख्याओं को बढ़ावा देते हैं।"
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में चार वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत और श्रीमदभगवत गीता है, मनुस्मृति कहीं नहीं है। हमारे लिए भारत का संविधान सर्वोपरि है। संविधान में लिंग भेद का कहीं जिक्र नहीं है। संविधान के द्वारा प्रदत्त अधिकार का प्रयोग निरंतर करना है।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर आरोप लगाया है कि सपा के शासनकाल में मंदिरों के लिए आ रहे चंदे का इस्तेमाल मस्जिदों की दीवार बनाने के लिए होता था। इस पर श्याम रजक ने कहा कि अगर राज्य के मुख्यमंत्री इस तरह के बयान दे रहे हैं तो निश्चित रूप से सच्चाई होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत गंभीर व्यक्ति हैं। सीएम के पास कई एजेंसियां और जांच कमेटियां हैं। इस प्रकरण में इन्वायरी के बाद फैसला लेना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी के विधायकों को पाला बदलने के लिए 20 से 30 करोड़ रुपए, मंत्री पद का दर्जा देने की बात कही गई है। इस पर श्याम रजक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उमर अब्दुल्ला को अपने विधायकों पर विश्वास नहीं है। उन्हें पार्टी और कार्यकर्ताओं पर विश्वास करना चाहिए। अगर कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा में विश्वास रखते हैं तो वह कभी पाला नहीं बदलेंगे।
श्याम रजक ने अयोध्या राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस की देशव्यापी प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर पलटवार करते हुए कहा कि इस पार्टी के पास दूसरा काम नहीं बचा है। न कोई आंदोलन है और न ही तथ्य है। तथ्यहीन चीजों को अपने बयान से सही साबित करना इनकी आदत बन चुकी है।
बिहार के बांकीपुर उपचुनाव को लेकर आरजेडी भाजपा पर हमलावर है। इस पर श्याम रजक ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) खुद में न्यायपालिका और कार्यपालिका होने के साथ ही राष्ट्रपति के पद का फैसला करने के लिए अधिकृत हो जाते हैं। ऐसे वाचाल लोगों के बयान पर जवाब देना हमारे जैसे कनिष्ठ व्यक्ति के सामर्थ्य के बाहर हो जाता है।
--आईएएनएस
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