×

शतक बनाने के लिए अपने खेलने का अंदाज नहीं बदलूंगी: यास्तिका भाटिया

 

नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया का कहना है कि उन्होंने लॉर्ड्स में अपनी ऐतिहासिक शतकीय पारी के दौरान अपने बल्लेबाजी के अंदाज में कभी बदलाव लाने की कोशिश नहीं की। भाटिया ने कहा कि भारत के आक्रामक क्रिकेट ब्रांड पर टिके रहना उनके लिए निजी उपलब्धियों से ज्यादा अहम है।

बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) द्वारा शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएएनएस के एक सवाल का जवाब देते हुए भाटिया ने कहा, "मैंने शतक के बारे में ज्यादा नहीं सोचा था। मेरा मकसद था कि मैं अपने हिसाब से खेलूंगी और आक्रामक क्रिकेट खेलूंगी। बेशक में 80 या 90 रन के आस-पास रहूं, लेकिन गेंद को उसकी मेरिट के हिसाब से खेलूंगी। मैं सिर्फ शतक बनाने के लिए अपने खेलने का अंदाज नहीं बदलूंगी।"

यास्तिका ने अपने शतक को व्यक्तिगत से ज्यादा टीम की उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों से हम सकारात्मक क्रिकेट खेल रहे हैं।

उन्होंने कहा, "अमोल सर मुझे टी20 के दौरान भी यही बता रहे थे कि हम सब एक तरह का क्रिकेट खेल रहे हैं जहां हम आक्रामक रहना चाहते हैं और समय सकारात्मक रहना चाहते हैं। आप लंबे समय के बाद सेट-अप में आ रही हैं। हम आपसे भी ऐसी ही क्रिकेट की उम्मीद कर रहे हैं।"

यास्तिका ने कहा कि उस अप्रोच को अपनाने से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी आसान हो गई और इसने उनकी ऐतिहासिक पारी को पूरा करने के तरीके पर असर डाला। उनके शतक ने न केवल उन्हें लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड में जगह दिलाई, बल्कि उस निडर अप्रोच को भी दिखाया जिसने सभी फॉर्मेट में भारत की बल्लेबाजी की पहचान बनाई है।

भाटिया ने लॉर्ड्स के मैदान पर शतक लगाते हुए अपना नाम इतिहास में दर्ज करा लिया। दरअसल, भारत और इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेला गया टेस्ट मैच लॉर्डस में आयोजित पहला महिला टेस्ट था। भाटिया लॉर्ड्स में शतक बनाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बन गईं। उन्होंने दूसरी पारी में 158 गेंदों पर 14 चौकों की मदद से 113 रन बनाए थे। उनकी इस पारी की बदौलत भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 270 रनों से हराया।

--आईएएनएस

पीएके