शशि थरूर ने जनसांख्यिकीय बदलाव पर उच्चस्तरीय समिति का किया स्वागत, बोले- आंकड़े पहले राजनीति बाद में
दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जनसांख्यिकीय बदलाव पर उच्चस्तरीय समिति गठित किए जाने को लेकर कांग्रेस सांसद डॉ. शशि थरूर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। थरूर ने कहा कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटनाक्रम है और इससे पहले कि इसके राजनीतिक प्रभावों पर कोई गंभीर चर्चा की जाए, सटीक और व्यापक आंकड़ों को समझना आवश्यक है।
शशि थरूर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "कई चीजें हो रही हैं। कई तरह के बदलाव हो रहे हैं। मेरा मानना है कि इससे पहले कि हम इसके राजनीतिक प्रभावों पर कोई गंभीर चर्चा करें, यह जरूरी है कि हम उन आंकड़ों को समझ लें जिनसे हम निपट रहे हैं। वरना लोग आंकड़ों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, खासकर अगर आंकड़े अधूरे हों और बेवजह राजनीतिक विवाद खड़े कर सकते हैं।"
उन्होंने जोर दिया कि हमारे पास सही तथ्य और आंकड़े होने चाहिए जो सभी जनसांख्यिकीय कारकों और रुझानों को दर्शाते हों। थरूर ने राष्ट्रीय जनगणना का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया भी चल रही है, जो उपयोगी साबित होगी।
दिल्ली में मोरक्को के राजदूत एच.ई. मोहम्मद मलिकी की किताब 'वाट इफ…व्हाय नॉट' के विमोचन समारोह में शशि थरूर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। किताब की सराहना करते हुए थरूर ने कहा, "यह सिर्फ एक डिप्लोमेटिक संस्मरण नहीं है। यह उनके बचपन की यादें हैं बल्कि जिंदगी, इंसानों और एक-दूसरे से रिश्तों पर उनके विचार भी हैं। यह बहुत ही अच्छी तरह से लिखी गई, बहुत ही दिल को छू लेने वाली किताब है, जो सचमुच उस मानवीय जुड़ाव को स्थापित करती है, जिसके बारे में डिप्लोमेसी होती है।"
थरूर ने इसे मोरक्को के राजदूत का जबरदस्त योगदान बताया। उन्होंने कहा कि राजदूत ने कूटनीति को सहानुभूति, याददाश्त और संस्कृतियों, खासकर भारत और मोरक्को के बीच सेतु निर्माण का माध्यम बनाया है।
समारोह के दौरान डॉ. शशि थरूर ने 11वें ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर बुक कवर प्राइज के विजेता की घोषणा भी की। इस बार यह पुरस्कार बेना सरीन को अमितवा कुमार की किताब ‘माई बीलव्ड लाइफ’ के शानदार कवर डिजाइन के लिए दिया गया। थरूर ने बेना सरीन को बधाई देते हुए कहा कि उनका डिजाइन किताब की भावना को बेहद खूबसूरती से दिखाता है।
--आईएएनएस
एससीएच/पीएम