शशांक मणि त्रिपाठी का राहुल गांधी पर तंज, कहा- भारत और चीन की तुलना करना सेब और संतरे जैसी
नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मकर संक्रांति पर लिखे पत्रों, तेलंगाना सरकार के प्रस्तावित कानून, राहुल गांधी के बयान और पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मकर संक्रांति के अवसर पर असम, तेलंगाना और अन्य राज्यों को लिखे गए पत्रों पर प्रतिक्रिया देते हुए शशांक मणि त्रिपाठी ने आईएएनएस से कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग त्योहार मनाए जाते हैं। प्रधानमंत्री ने इन क्षेत्रीय परंपराओं को सम्मान देते हुए पत्र लिखे, जो उनकी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की सोच को दर्शाता है। भले ही हमारी भाषाएं और क्षेत्र अलग हों, लेकिन हमारी सांस्कृतिक जड़ें एक ही हैं। प्रधानमंत्री का यह संदेश बेहद सकारात्मक और देश को जोड़ने वाला है।
तेलंगाना सरकार के उस प्रस्तावित कानून पर, जिसमें बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल न करने वाले कर्मचारियों की सैलरी काटने की बात कही गई है, सांसद त्रिपाठी ने संतुलित प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा करना हमारी पारिवारिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है और पूरा देश इस भावना को मानता है।
शशांक मणि त्रिपाठी ने उदाहरण देते हुए कहा कि उनके पिता 92 साल के हैं और उनके साथ रहते हैं, परिवार उनकी देखभाल करता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस भावना को जबरन सरकारी व्यवस्था के जरिए कर्मचारियों पर थोपना सही नहीं है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा भारत की तुलना चीन से किए जाने पर शशांक मणि त्रिपाठी ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि भारत और चीन की तुलना करना सेब और संतरे की तुलना जैसा है। भारत कुछ क्षेत्रों में आगे है, जबकि चीन कुछ अन्य क्षेत्रों में।
उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी लोकतांत्रिक ऊर्जा में है, यहां उद्यमिता तेजी से बढ़ रही है और छोटे उद्योग देशभर में उभर रहे हैं, जबकि चीन का विकास मॉडल अलग है। ऐसे में दोनों देशों की तुलना करना पूरी तरह गलत है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा एसआईआर पर बार-बार सवाल उठाए जाने को लेकर भी भाजपा सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और विपक्ष एसआईआर के खिलाफ बड़ी साजिश कर रहे हैं। एसआईआर उत्तर प्रदेश में भी लागू है और वह खुद वहां से सांसद हैं। यूपी में हर वर्ग और हर राजनीतिक दल एसआईआर से संतुष्ट है।
--आईएएनएस
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