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शरद पवार के भाजपा के साथ जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता: हुसैन दलवई

 

मुंबई, 29 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने कहा कि एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार के एनडीए के साथ जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

हाल ही में शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई थी कि वे एनडीए में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, शरद पवार ने साफ कर दिया है कि वे एनडीए में शामिल नहीं होंगे।

आईएएनएस से बातचीत में हुसैन दलवई ने कहा, “मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि शरद पवार कभी भी एनडीए में शामिल नहीं होंगे। शरद पवार पंडित जवाहरलाल नेहरू को मानने वाले सेकुलर विचारधारा वाले नेता हैं। उन्होंने खुद स्पष्ट कर दिया है कि वे एनडीए के साथ नहीं जा रहे हैं, इसलिए मैं उनका अभिनंदन करता हूं।

दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर विपक्षी दलों के द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही पर हुसैन दलवई ने कहा कि अमित शाह को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस गृह मंत्री के अधीन है। पेपर लीक की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की थी तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया। पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज की जवाबदेही गृह मंत्री की है, इसलिए उन्हें जवाब देना ही चाहिए।

सीजेपी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दलवई ने कहा कि अगर समय की परिस्थिति को देखें तो विरोध करने वाले प्रदर्शनकारी सिर्फ शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही नहीं मांग रहे थे, वे तो सरकार के प्रमुख का भी इस्तीफा मांग रहे थे। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देकर मामले को शांत किया। उन्होंने कहा कि सीजेपी का आंदोलन मूल रूप से सरकार के खिलाफ ही था।

दलवई ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया है। वहां बड़े पैमाने पर घपला हुआ है। राम मंदिर ट्रस्ट बनाने का काम केंद्र सरकार ने किया था, तो इस मामले में भी केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए।

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने के फैसले का स्वागत करते हुए दलवई ने कहा, “यह अच्छी बात है। दिल्ली में भी ऐसा ही होना चाहिए। 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उन पर जो लाठीचार्ज किया गया, उसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अगर एफआईआर दर्ज करनी है तो उन पुलिसवालों और सुरक्षाबलों के खिलाफ होनी चाहिए जिन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज किया।"

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम