शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल की डेढ़ घंटे तक मुलाकात, NCP के दोनों गुटों के विलय की अटकलें तेज; 10 नवंबर के बाद फिर होगी चर्चा
महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के बीच नजदीकियां बढ़ने की चर्चाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। NCP (SP) प्रमुख शरद पवार और अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल के बीच गुरुवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई। इस मुलाकात के बाद दोनों गुटों के एक होने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी गुट की ओर से पार्टी के विलय को लेकर आधिकारिक सहमति सामने नहीं आई है।
जानकारी के मुताबिक, शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल के बीच हुई बातचीत के दौरान 10 नवंबर के बाद मुंबई में दोबारा मुलाकात करने पर सहमति बनी है। सामने आए वीडियो में दोनों नेता फिर से मिलने और चर्चा करने पर सहमति जताते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, अगली बैठक में किन मुद्दों पर बातचीत होगी और इसका महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।महाराष्ट्र की राजनीति में NCP के दोनों गुटों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोन और प्रफुल्ल पटेल की शरद पवार से मुलाकात ने राजनीतिक घटनाक्रम को चर्चा में ला दिया है। शरद पवार फिलहाल मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। प्रफुल्ल पटेल ने अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों के बीच महाराष्ट्र और देश की राजनीति को लेकर भी सामान्य बातचीत हुई। हालांकि, प्रफुल्ल पटेल ने इस मुलाकात को राजनीतिक बैठक बताने से इनकार किया है।
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10 नवंबर के बाद फिर होगी मुलाकात
दोनों नेताओं के बीच बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल 10 नवंबर के बाद दोबारा बैठकर चर्चा करने पर सहमति जताते सुनाई दे रहे हैं। इस प्रस्तावित मुलाकात का एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। यही वजह है कि राजनीतिक गलियारों में इसके संभावित मुद्दों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
प्रफुल्ल पटेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके और शरद पवार के बीच पारिवारिक संबंध हैं और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद मुलाकात होती रहती है। उन्होंने कहा कि अस्पताल राजनीति पर चर्चा करने की जगह नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि दोनों के बीच देश और महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक हालात पर बातचीत हुई।
NCP के दोनों गुटों के विलय की अटकलें क्यों तेज हुईं?
दरअसल, वर्ष 2023 में अजित पवार के नेतृत्व में NCP दो गुटों में बंट गई थी। अजित पवार का गुट महाराष्ट्र की महायुति सरकार में शामिल हो गया था, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाला गुट NCP (SP) के नाम से विपक्ष में रहा। इसके बाद से दोनों गुटों के दोबारा एक होने को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं।हालिया मुलाकात से पहले NCP के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। इसके बाद शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल की बैठक ने विलय की चर्चाओं को और हवा दे दी। हालांकि, अभी तक दोनों गुटों की ओर से विलय को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सुप्रिया सुले के केंद्रीय मंत्री बनने की चर्चा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच शरद पवार की बेटी और NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले को लेकर भी चर्चा तेज है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने 4 नवंबर को संकेत दिया था कि यदि सुप्रिया सुले की पार्टी NDA में शामिल होती है तो उन्हें आगामी केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में जगह देने पर विचार किया जा सकता है। आठवले ने कहा था कि NDA में उनका स्वागत किया जाएगा। हालांकि, यह आठवले का बयान है, केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं है। सुप्रिया सुले ने भी इस संभावना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
PM मोदी ने भी शरद पवार को किया था फोन
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार को फोन कर उनकी तबीयत का हालचाल पूछा था। शरद पवार के करीबी विट्ठल मणियार के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी। मणियार ने यह भी बताया कि बातचीत के दौरान मोदी ने सुप्रिया सुले का जिक्र करते हुए कहा था कि वह देश की जिम्मेदारी संभालने में सहयोग कर सकती हैं। हालांकि, इस बातचीत की जानकारी शरद पवार के करीबी ने दी थी।
फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में इन मुलाकातों और बयानों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। अब सभी की नजरें 10 नवंबर के बाद होने वाली शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल की अगली मुलाकात पर टिकी हैं। इस बैठक में क्या मुद्दे उठते हैं और दोनों गुटों के भविष्य को लेकर क्या संकेत मिलते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।