शंकराचार्य की गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा पर बृजभूषण का बयान, बोले-दूध के सही दाम की भी हो मांग
गोंडा, 17 जुलाई (आईएएनएस)। गोंडा के कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गौ-रक्षा के लिए आंदोलन करना अच्छी बात है लेकिन आंदोलन का मुख्य उद्देश्य दूध के उचित दाम दिलाना भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक पशुपालकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक गौ-पालन को बढ़ावा देना मुश्किल होगा।
गौ-पालन और डेयरी उद्योग को लेकर उन्होंने कहा कि कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में गौ-पालन करना घाटे का सौदा बन गया है। उनका कहना है कि दूध उत्पादकों को दूध का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और पशुपालन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है।
बृजभूषण शरण सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आज के समय में गौ-पालन करने वालों के सामने कई चुनौतियां हैं। मजदूरों की कमी है, पशुओं के चारे और भूसे की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि इस समय भूसे का भाव करीब 1,200 रुपये प्रति क्विंटल है, जो सर्दियों तक बढ़कर 1,600 से 1,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि एक गाय को प्रतिदिन कम से कम चार किलो और बड़ी गाय को छह किलो तक दाना देना पड़ता है। पशु आहार की कीमत करीब 35 रुपये प्रति किलो है, जबकि दूध 35 से 40 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। ऐसे में पशुपालकों को लाभ नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि बाजार में बड़े पैमाने पर नकली दूध और उससे बने उत्पाद बिक रहे हैं। उनके अनुसार नकली घी, पनीर, खोवा, दही और मिल्क पाउडर जैसे उत्पादों के कारण असली दूध की कीमत प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक नकली डेयरी उत्पादों पर प्रभावी रोक नहीं लगेगी, तब तक असली दूध को उसका उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। उनका मानना है कि यदि दूध का वाजिब मूल्य तय किया जाए तो इसकी कीमत करीब 150 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए।
वहीं, इस बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने बुडापेस्ट रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब विश्व कुश्ती में भारत की स्थिति काफी पीछे थी लेकिन अब भारत दुनिया की शीर्ष पांच टीमों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि आज भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक जीतना सामान्य बात बनती जा रही है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले दो-तीन वर्षों में भारतीय कुश्ती में कुछ व्यवधान आया था, लेकिन अब खेल फिर से सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
बृजभूषण शरण सिंह ने विश्वास जताया कि भारतीय पहलवान लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और आने वाले समय में देश को और बड़ी सफलताएं मिलेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले ओलंपिक में भी भारतीय पहलवान पहले की तुलना में अधिक पदक जीतेंगे और देश का नाम रोशन करेंगे।
--आईएएनएस
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