शंघाई मास्टर्स: नोवाक जोकोविच हुए उलटफेर का शिकार, ह्यूबर्ट हरकाज ने सीधे सेटों में दी शिकस्त
शंघाई, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। शंघाई मास्टर्स में ह्यूबर्ट हरकाज ने बड़ा उलटफेर करते हुए पूर्व वर्ल्ड नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को हराया। यह हरकाज की जोकोविच के खिलाफ पहली जीत है।
हरकाज ने शंघाई मास्टर्स में अपने शानदार रिकॉर्ड को आगे बढ़ाते हुए पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 नोवाक जोकोविच को सीधे सेटों में 6-4, 6-4 से हराया। पोलैंड के खिलाड़ी ने अपने करियर में नौवीं कोशिश में जोकोविच के खिलाफ पहली जीत दर्ज की। हरकाज ने इस जीत के साथ शंघाई में अपने बेहतरीन प्रदर्शन की यादें भी ताजा कर दीं। वह 2023 में इस टूर्नामेंट के चैंपियन रहे थे और अब शंघाई मास्टर्स में लगातार आठ मैच जीत चुके हैं। उनकी मजबूत सर्विस और आक्रामक खेल के सामने जोकोविच मुकाबले में वापसी नहीं कर सके, जिससे हरकाज ने टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली।
उन्होंने अपनी जबरदस्त सर्विस से सर्बियाई खिलाड़ी पर दबदबा बनाए रखा और बेसलाइन का भी अच्छा इस्तेमाल किया, जबकि जोकोविच शारीरिक रूप से संघर्ष करते दिखे, क्योंकि यह 10 दिनों में उनका छठा मैच था। उन्होंने कुछ दिन पहले ही चाइना ओपन जीता था। हरकाज ने जीत के बाद कहा, "यह एक खास रात है। मैं लगभग सात साल से नोवाक के खिलाफ खेल रहा हूं, और अब तक सफल नहीं हो पाया था, लेकिन वह इतने वर्षों से एक महान चैंपियन रहे हैं। टूर पर टॉप पर बने रहना और अभी-अभी बीजिंग जीतना, ऐसे में उनके खिलाफ खेलना बहुत मुश्किल काम है, लेकिन उनके साथ कोर्ट शेयर करना और खेल के इतने बड़े दिग्गज के खिलाफ खेलना मेरे लिए खुशी की बात है। इसमें बहुत मजा आता है, और आप खुद को भी चुनौती देते हैं कि आपका स्तर क्या है।"
इस बीच, हरकाज अब हार्ड कोर्ट पर रोजर फेडरर, राफेल नडाल और जोकोविच तीनों के खिलाफ कम से कम एक जीत दर्ज करने वाले चौथे पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले एंडी मरे, डोमिनिक थिएम और अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने यह उपलब्धि हासिल की थी। हरकाज और नोवाक जोकोविच दोनों ही शानदार फॉर्म में शंघाई मास्टर्स के दूसरे दौर में पहुंचे थे। इस साल चीन में खेले गए टूर-लेवल टूर्नामेंटों में दोनों खिलाड़ी फाइनल तक पहुंचे थे। जहां जोकोविच ने बीजिंग में चाइना ओपन का खिताब जीतकर अपने करियर का 102वां टूर-लेवल खिताब हासिल किया था, वहीं हरकाज चेंगदू ओपन के फाइनल में एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना से हार गए थे।
हालांकि, शंघाई में खेले गए इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में हरकाज ज्यादा फिट और तरोताजा नजर आए। पोलैंड के खिलाड़ी ने दबाव के क्षणों में शानदार संयम दिखाते हुए अपने खिलाफ आए दोनों ब्रेक प्वाइंट बचाए। दूसरी ओर, उन्होंने जोकोविच की सर्विस दो बार तोड़ी और पूरे मैच में नियंत्रण बनाए रखा।
हुरकाज ने कहा, "निश्चित रूप से शुरुआत में नोवाक के साथ बने रहना बहुत जरूरी था, क्योंकि अगर वे आगे निकल जाते हैं, तो वे बहुत शानदार खेल दिखाते हैं और वापसी करना आसान नहीं होता। फिर आखिर में जाहिर है कि मैं थोड़ा घबरा रहा था। नोवाक के खिलाफ किसी सेट में ब्रेक से आगे रहने का यह मेरा पहला अनुभव नहीं था, इसलिए मैं अपनी चीजों पर, यानी मुझे क्या करना है, उस पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रहा था। आखिर में अपने प्रदर्शन से मैं खुश हूं।"
--आईएएनएस
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