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सेशेल्स में यूपीआई को लेकर हुए एमओयू पर पीएम मोदी ने जताई खुशी, बोले-विकास साझेदारी हमारे संबंधों की मजबूत पहचान

 

विक्टोरिया, 28 जून (आईएएनएस)। भारत और सेशेल्स के बीच रविवार को कई क्षेत्रों में सहयोग और साझेदारी के लिए एमओयू एक्सचेंज हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे पर सेशेल्स में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) शुरू करने को लेकर समझौता हुआ। पीएम मोदी ने इस पर खुशी जताई है।

सेशेल्स में यूपीआई शुरू होने के बाद भारतीय पर्यटक, कारोबारी और प्रवासी समुदाय डिजिटल भुगतान आसानी से कर सकेंगे। वहीं सेशेल्स को तेज, सुरक्षित और कम लागत वाली डिजिटल भुगतान प्रणाली का लाभ मिलेगा। यह पहल दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और फिनटेक सहयोग को भी मजबूती देगी। भारत का यूपीआई मॉडल दुनिया के सबसे सफल डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म में गिना जाता है और अब इसका वैश्विक विस्तार तेजी से हो रहा है।

हालांकि सेशेल्स पहला ऐसा देश नहीं है, जहां यूपीआई पेमेंट सिस्टम लागू होने जा रहा है। इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, फ्रांस, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा नामीबिया तक यूपीआई का विस्तार हो चुका है। इसके अलावा फ्रांस, यूएई, सिंगापुर, मॉरीशस और श्रीलंका जैसे देशों में भी भारतीय यात्री यूपीआई के जरिए भुगतान कर सकते हैं, जबकि कई अन्य देशों के साथ भी यूपीआई कनेक्टिविटी और डिजिटल भुगतान सहयोग को लेकर बातचीत जारी है। भारत की यह पहल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमें खुशी है कि आज यूपीआई को सेशेल्स में लागू करने के लिए एमओयू किया जा रहा है। विकास साझेदारी हमारे संबंधों की मजबूत पहचान रही है। भारत हमेशा की प्राथमिकताओं, आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान हमने 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। इसके अंतर्गत सोशल हाउसिंग, ट्रांसपोर्ट, स्किलिंग, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। सेशेल्स के मनावीय संसाधनों विकास में सहयोग भारत की विशेष प्राथमिकता रही है। मुझे खुशी है कि हम सेशेल्स के सिविल सर्वेंट्स की ट्रेनिंग में योगदान दे रहे हैं।"

वहीं सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने कहा कि भारत और सेशेल्स ने एक ऐसी साझेदारी के लिए फिर से प्रतिबद्धता जताई है जो एक जैसी भौगोलिक और ऐतिहासिक और एक स्थिर, सुरक्षित और खुशहाल हिंद महासागर क्षेत्र के लिए एक मिलकर देखे जाने वाले नजरिए पर आधारित हो।

उन्होंने कहा, "हमारी बातचीत का मुख्य मुद्दा बेहतर लिंकेज के जरिए सस्टेनेबिलिटी, आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए संयुक्त विजन को लागू करना था, जिसे सेशेल्स ने इस साल की शुरुआत में अपनाया था। यह फ्रेमवर्क सभी क्षेत्रों में सहयोग के लिए रणनीतिक दिशा देता है। मैं इस विजन को ठोस नतीजों में बदलने में भारत के पक्के सपोर्ट के लिए बहुत शुक्रिया अदा करता हूं, जिससे दोनों देशों के लोगों को फायदा हो।"

डॉ. हर्मिनी ने विकास साझेदारी को भारत-सेशेल्स संबंधों का मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने कई कानूनी समझौते किए हैं जो विदेश सेवा, डिजिटल बैंकिंग, स्वास्थ्य, खेती, सी फ्लोरिंग, एक्सट्रैडिशन, स्पेस एक्सप्लोरेशन और सेशेल्स में एक नए नेशनल हॉस्पिटल के कंस्ट्रक्शन में हमारे सहयोग को और गहरा करेंगे।

--आईएएनएस

केके/वीसी