सेंसेक्स और निफ्टी एक प्रतिशत से अधिक उछले, इन कारणों से शेयर बाजार में आई तेजी
मुंबई, 20 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबारी सत्र में मजबूती देखने को मिल रही है। दोपहर 12 बजे सेंसेक्स 728 अंक या एक प्रतिशत की तेजी के साथ 74,935 और निफ्टी 236 अंक या 1.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,238 पर था।
व्यापक बाजार में तेजी बनी हुई है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 693 अंक या 1.27 प्रतिशत की तेजी के साथ 55,185 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 111 अंक या 0.65 प्रतिशत की तेजी के साथ 15,816 पर था।
भारतीय बाजार में बढ़त के पीछे की वजह कच्चे तेल में नरमी आना है। ब्रेंट क्रूड शुक्रवार को 1.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 107.3 डॉलर प्रति बैरल पर है। ईरान-अमेरिका,इजरायल युद्ध में दोनों पक्षों द्वारा एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए जाने के बाद गुरुवार को ब्रेंट क्रूड का दाम 119 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था।
बाजार में तेजी की एक वजह पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत मिलना है। इससे निवेशकों का सेंटीमेंट में सुधार हुआ है और बाजार में खरीदारी को बढ़ावा मिला है।
वैश्विक बाजार में भी तेजी देखने को मिल रही है। सोल, शंघाई का बाजार हरे निशान में खुले थे। वहीं, अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार को निचले स्तर से रिकवरी देखने को मिली, हालांकि, वह निचले स्तर पर बंद हुए।
बाजार में उतार-चढ़ाव दर्शाने वाले इंडेक्स इंडिया विक्स में भी सत्र में कमजोर देखने को मिल रही है। आमतौर पर जब भी इंडिया विक्स में गिरावट होती है तो बाजार में तेजी देखने को मिलती है।
इसके अलावा, बाजार में तेजी की वजह सस्ते मूल्यांकन पर खरीदारी को भी माना जा रहा है।
हाल ही में, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्व कालिक सदस्य कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि हाल में हुई गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार विदेशी निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य स्थान हो सकता है।
वार्ष्णेय ने कहा, "पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण भारतीय बाजार में हुई गिरावट ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए एक आकर्षक अवसर प्रस्तुत किया है।"
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में आयोजित रूस-भारत फोरम कार्यक्रम में बोलते हुए, वार्ष्णेय ने कहा कि मौजूदा स्तरों पर भारतीय शेयरों में निवेश करने का "बेहद अच्छा अवसर" है। बेंचमार्क सूचकांक इस महीने 8 प्रतिशत से अधिक गिर गए हैं, जिससे निवेशकों की भावना प्रभावित हुई है, लेकिन साथ ही प्रवेश मूल्य में भी सुधार हुआ है।
--आईएएनएस
एबीएस/