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सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने एशियाई पैरा गेम्स के खिलाड़ियों को किया सम्मानित

 

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने गुरुवार को नई दिल्ली में सेना से जुड़े खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। एशियाई पैरा खेलों में भारतीय सेना के जवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है। पांचवें एशियाई पैरा खेल 2026 में हिस्सा लेने वाले सेना के नौ खिलाड़ियों में से छह ने पदक अपने नाम किए। इनमें एक स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। इन खेलों में सेना के खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, तैराकी और चक्का फेंक जैसी स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

सूबेदार सोलैराज डी, वीएसएम ने लंबी कूद में स्वर्ण पदक जीतकर देश को बड़ी सफलता दिलाई। वहीं, हवलदार राकेश ने चक्का फेंक और हवलदार कपिल कुमार ने 400 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी में रजत पदक हासिल किया। कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में सूबेदार एच होकाटो सेमा, एवीएसएम ने गोला फेंक में, सूबेदार अजय कुमार ने 400 मीटर दौड़ में और हवलदार प्रदीप कुमार ने चक्का फेंक में पदक हासिल किया।

सेना प्रमुख ने नायक गजेंद्र की पत्नी सिमरन को भी सम्मानित किया। उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धाओं में दो स्वर्ण पदक जीतकर भारत की पदक तालिका में योगदान दिया। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां इसलिए भी खास हैं, क्योंकि इनमें घायल सैनिकों के दोबारा खेल के मैदान तक पहुंचने का संघर्ष और उनकी मेहनत शामिल है।

भारतीय सेना घायल जवानों के पुनर्वास और उन्हें खेलों में आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इसके तहत आर्टिफिशियल लिम्ब सेंटर और स्पाइनल कॉर्ड इंजरी सेंटर, आर्मी पैरालंपिक नोड के साथ मिलकर काम करते हैं। ये केंद्र घायल सैनिकों को विशेष चिकित्सा सुविधा, कृत्रिम अंग, पुनर्वास और खेलों का व्यवस्थित प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हैं। इससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनते हैं।

इस अवसर पर सेना प्रमुख ने खिलाड़ियों को तैयार करने वाले प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ के योगदान की भी सराहना की। इनमें एथलेटिक्स प्रशिक्षक सूबेदार बिबिन देव और सूबेदार मुर्तजा, शारीरिक क्षमता एवं फिटनेस प्रशिक्षक हवलदार अविनाश ए तथा आर्मी पैरालंपिक नोड के प्रभारी लेफ्टिनेंट कर्नल दलजीत सिंह शामिल हैं। इस मुलाकात के जरिए सेना ने घायल सैनिकों के पुनर्वास, उन्हें खेलों के समान अवसर उपलब्ध कराने और प्रतिस्पर्धी खेलों में आगे बढ़ने के लिए लगातार सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी