सेना में युवाओं की मौजूदगी बनी रहेगी, अग्निवीरों की 6 साल सेवा के फैसले को रक्षा विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय हित में बताया
नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि द्वारा अग्निवीर कार्यकाल को दो साल बढ़ाने की घोषणा के बाद देशभर में इस फैसले का स्वागत हो रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नई व्यवस्था से न सिर्फ सेना की ऑपरेशनल तैयारी मजबूत होगी बल्कि अग्निवीरों का भविष्य भी सुरक्षित होगा।
दरअसल, सभी अग्निवीर 4 साल की जगह 6 साल तक सेवा देंगे। पुरानी योजना के तहत, 4 साल बाद सिर्फ 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में स्थायी किया जाना था जबकि बाकी 75 प्रतिशत को रिटायर होना था। सरकार की योजना उन्हें अन्य सरकारी विभागों में काम देने की थी। हालांकि अब नई घोषणा के मुताबिक, इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को भी सशस्त्र बलों में दो और साल तक सेवा करने का विकल्प दिया जाएगा बशर्ते वे मेडिकल और अन्य फिटनेस मानकों पर खरे उतरें।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लखनऊ में 'स्ट्राइव इंडिया' थिंक टैंक के चेयरमैन और मेजर जनरल अजय चतुर्वेदी (रिटायर्ड) ने कहा कि पिछली योजना का मकसद सेना में उम्र का औसत कम करना और सशस्त्र बलों में अधिक सक्षम, तकनीकी रूप से कुशल युवाओं को शामिल करना था। इस लिहाज से यह एक बहुत सफल योजना रही है।
उन्होंने कहा, "अग्निवीरों और उनके कमांडिंग अधिकारियों के साथ बातचीत के अपने अनुभव के आधार पर कहूं, तो इसका रिस्पॉन्स बहुत सकारात्मक रहा है। इसी को देखते हुए, जो नई योजना लाई गई है, जिसमें दो साल का विस्तार दिया जा रहा है, वह एक बहुत अच्छी पहल है। इसमें एक और दिलचस्प बात यह है कि 25 प्रतिशत लोगों को अभी भी सेना में रखा जाएगा। इसका मतलब यह है कि योग्यता पर जोर अभी भी पूरी तरह कायम है। पहले नियम यह था कि 75 प्रतिशत लोगों को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा; अब कहा जा रहा है कि उनका चयन किया जाएगा।"
सैलरी और सुविधाओं पर उन्होंने कहा, "सबसे पहले, सीडीएस द्वारा बताई गई सैलरी के आधार पर, उनका वेतन और अन्य भत्ते बढ़ेंगे। शुरुआती राशि, जो लगभग 43,000 रुपये के आसपास थी, अब उसमें बढ़ोतरी होगी। दूसरी बात, उनकी 'सेवा निधि' जो उन्हें दो साल बाद रिटायर होने पर मिलती है, उसमें भी काफी इजाफा किया जाएगा। अब उन्हें वे सभी सुविधाएं दी जाएंगी जो नियमित सैनिकों को मिलती हैं; यानी अगर कोई दुर्घटना या ऐसी ही कोई घटना होती है, तो उन्हें भी वही लाभ मिलेंगे जो एक सामान्य सैनिक को मिलते हैं।"
दिल्ली में सीएलएडब्ल्यूएस के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल दुष्यंत सिंह (रिटायर्ड) ने कहा, "सबसे पहले, मैं प्रधानमंत्री और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को इतनी बेहतरीन योजना लाने के लिए बधाई देना चाहता हूं, जिससे सभी को फायदा होता है। सभी को फायदा होने का मेरा मतलब यह है कि सेना में युवाओं की मौजूदगी बनी रहेगी और इसकी ऑपरेशनल तैयारी भी मजबूत रहेगी। कुशल जनशक्ति, जिसे हम पहले शायद खो देते, वह अब लंबे समय तक हमारे साथ बनी रहेगी।"
राजनीति के सवाल पर उन्होंने कहा, "मैं राजनीति में नहीं पड़ना चाहता क्योंकि मैं एक सैन्य अधिकारी हूं और हमें हमेशा राजनीति से दूर रहने की सीख दी गई है। हमारे लिए राष्ट्रीय हित सबसे ऊपर है। राष्ट्रीय हित के नजरिए से यह फैसला बहुत अच्छा है। अगर अलग-अलग पार्टियों के बीच कोई राजनीतिक असहमति या बहस है, तो मुझे लगता है कि इसके पीछे सिर्फ अपने निजी स्वार्थ हैं और कुछ नहीं। सशस्त्र बलों के नजरिए से, यह एक बहुत अच्छी योजना है।"
एक्सपर्ट इस विस्तार से अग्निवीरों को अधिक अनुभव, बेहतर वेतन और ज्यादा सम्मान मिलेगा। वहीं, सेना को प्रशिक्षित और अनुभवी युवा सैनिक लंबे समय तक मिलते रहेंगे।
--आईएएनएस
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