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सेना की एविएशन कोर, दुर्गम इलाकों में निभा रही है अहम भूमिका

 

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय सेना की एविएशन कोर रविवार 1 नवंबर को अपना 41वां स्थापना दिवस मना रही है। चार दशकों से अधिक के सफर में यह कोर सेना की एक महत्वपूर्ण हवाई ताकत के रूप में उभरी है। दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने, सैनिकों की आवाजाही, घायल जवानों की सुरक्षित निकासी और युद्ध के मैदान में जरूरी सहायता पहुंचाने में इस कोर की अहम भूमिका है।

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने इस अवसर पर एविएशन कोर के सभी कार्यरत व सेवानिवृत्त सैनिकों को शुभकामनाएं दीं। रविवार इस अवसर पर सेना एविएशन कोर के महानिदेशक और कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल विनोद नांबियार ने वीर जवानों नमन किया। उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

गौरतलब है कि सेना एविएशन कोर की स्थापना 1 नवंबर 1986 को हुई थी। तब से लेकर अब तक इसने अपनी क्षमताओं और कार्यक्षेत्र का लगातार विस्तार किया है। आज कोर यह भारतीय सेना की हवाई संचालन क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कोर के विमान और हेलीकॉप्टर दुश्मन की गतिविधियों की टोह लेने, निगरानी करने, युद्ध के मैदान में सैनिकों की तेजी से आवाजाही सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर घायल जवानों को बाहर निकालने जैसे महत्वपूर्ण काम करते हैं।

सियाचिन जैसे बेहद चुनौतीपूर्ण और दुर्गम इलाकों में भी सेना एविएशन कोर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में इसके अभियान सेना की पहुंच और युद्ध के मैदान में तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता को बढ़ाते हैं।

सेना के मुताबिक, बदलते युद्ध के स्वरूप को देखते हुए कोर अपनी क्षमताओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए आधुनिक हवाई प्लेटफॉर्म को शामिल किया जा रहा है। साथ ही, दूर से संचालित होने वाली विमान प्रणालियों (आरपीएएस) को भी अपनी कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जा रहा है। इन तकनीकों से युद्ध के मैदान की बेहतर जानकारी जुटाने, तेजी से निर्णय लेने और किसी भी चुनौती का जवाब देने की क्षमता मजबूत हो रही है।

सेना एविएशन कोर केवल सैन्य अभियानों तक ही सीमित नहीं है। प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के दौरान प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने और जरूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में इसके हवाई संसाधन काम आते हैं।

41वें स्थापना दिवस पर कोर ने अपने उन वीर जवानों को भी याद किया, जिन्होंने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। साथ ही, पूर्व सैनिकों के योगदान और सैनिकों के परिवारों के निरंतर सहयोग को भी सराहा। 'सुवेग व सदृढ़' के ध्येय वाक्य के साथ सेना एविएशन कोर आधुनिक तकनीक, बेहतर हवाई क्षमताओं और सैन्य अभियानों में उत्कृष्टता के जरिए देश की सुरक्षा के लिए लगातार अपनी भूमिका निभा रही है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसके