सेना के खिलाड़ियों से मिले रक्षा मंत्री, कहा-बेटियां भी हैं चैंपियंस, बॉक्सिंग में ला रही हैं पदक
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो की धरती पर भारतीय सेना के 20 खिलाड़ियों ने पाँच अलग-अलग खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इन खिलाड़ियों ने 8 गोल्ड , 7 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज के साथ, भारत के कुल मेडल्स में 41 प्रतिशत और भारत के कुल स्वर्ण पदकों में 62 प्रतिशत का योगदान दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ ने शुक्रवार ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय सेना के इन खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से बातचीत की और उनके प्रदर्शन, अनुभवों तथा खेलों के प्रति उनके समर्पण को सराहा।
रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना के जवानों और खिलाड़ियों के अनुशासन, कड़ी मेहनत तथा देश के लिए गौरव हासिल करने के उनके जज्बे की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेना के जवान खेलों के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा और क्षमता के माध्यम से देश का नाम रोशन कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा, “मुझे यह देखकर भी बड़ी खुशी हुई, कि हमारे जो चैंपियन हैं, उनमें ठीक-ठाक संख्या बेटियों की भी है। एक दिलचस्प चीज मुझे यह भी दिखी, कि हमारी ज्यादातर बच्चियाँ बॉक्सिंग में पदक ला रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह अपने आप में एक सुखद संकेत है, कि हमारी नारी शक्ति किसी भी मामले में किसी से कम नहीं हैं। ग्लासगो की यह ऐतिहासिक सफलता आपके लिए गौरव का विषय है, और यह होना भी चाहिए लेकिन इससे भी बड़ी चुनौतियाँ हमारी प्रतीक्षा कर रही हैं। आगे एशियन गेम्स और ओलंपिक हैं। वहां अपेक्षाएं और अधिक होंगी। दबाव और अधिक होगा। चुनौतियां और बड़ी होंगी लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि जिस अनुशासन, जिस हिम्मत और जिस अथक लगन ने आपको ग्लासगो की ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, वही गुण आपको आने वाली हर ऊँचाई तक ले जाएंगे।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि वो दिन अब इतिहास की बात हो चुके हैं, जब खेल किसी विशेष वर्ग, किसी विशेष क्षेत्र, या सुविधा-संपन्न परिवारों तक सीमित था। आज खेलों का जनतंत्रीकरण हो चुका है। अब खेल केवल कुछ लोगों का ही विशेषाधिकार नहीं रहा। आज स्थिति यह है कि हमारे चैंपियन देश के कोने-कोने से आ रहे हैं। दूरदराज के गांवों से, छोटे कस्बों से और आर्थिक रूप से वंचित परिवारों से भी आ रहे हैं। खुद आपमें से भी कई सारे लोग मिडिल क्लास पृष्ठभूमि से ही आते हैं लेकिन आज आप करोड़ो लोगों के लिए प्रेरणा हैं।
उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद करते हुए कहा कि आज खेल ने अपना विस्तृत और भव्य रूप धारण कर लिया है। आनंद और मनोरंजन तो आज भी खेलों में है, लेकिन अब खेल समाज के सबसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स में से एक बन चुका है। अब खेल अपने आप में सफलता का एक स्टैंडर्ड बन चुका है। आज के युग में खेलों को एक सम्मानित क्षेत्र माना जाता है। और आप सब इसी नए युग के अग्रदूत हैं।
उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि आप बस इसी तरह कठिन परिश्रम करते रहिए। स्वयं को निरंतर चुनौती देते रहिए। हर प्रतियोगिता से कुछ न कुछ सीखते रहिए। आप उस भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो युद्ध के मैदान में भी अजेय हैं और खेल के मैदान में भी। मैं एक बार फिर आप सभी चैंपियंस को हार्दिक बधाई देता हूं।
--आईएएनएस
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