बजट: सीमा क्षेत्रों पर ध्यान, दुर्गम इलाकों में सुरंगों, पुलों और हवाई पट्टियों का होगा निर्माण
नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश किया। इस बार सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे की मजबूती के लिए बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) को ज्यादा बजट मिला है। रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले बीआरओ के लिए 7,394 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इस आवंटित राशि से दुर्गम क्षेत्रों में सुरंगों, पुलों, हवाई पट्टियों और सड़कों जैसे अहम प्रोजेक्ट पूरे होंगे। इससे सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा के साथ-साथ यहां विकास और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
वहीं सरकार ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया है। रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले ईसीएचएस के लिए 12,100 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 45 प्रतिशत ज्यादा है।
बीते पांच सालों में ईसीएचएस का बजट तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ाया गया है। रक्षा पेंशन के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे 34 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को समय पर पेंशन का भुगतान सुनिश्चित होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ऐसा बजट पेश करने के लिए बधाई दी, जो आकांक्षाओं को उपलब्धियों में बदलने वाला है।
उन्होंने कहा कि यह युवा शक्ति पर आधारित बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को और मजबूत करेगा। तीन ‘कर्तव्यों’ से प्रेरित यह बजट आर्थिक विकास को गति देगा, लोगों की उम्मीदों को पूरा करेगा और सभी के लिए समान भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि यह बजट इस तरह तैयार किया गया है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे, खासतौर पर गरीबों, वंचितों और कमजोर तबकों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
रक्षा मंत्रालय का मानना है कि केंद्रीय बजट 2026-27 न केवल देश की रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि भारत को एक सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मजबूत आधार भी तैयार करेगा।
--आईएएनएस
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