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यूपी सचिवालय में सेवा नियमों का उल्लंघन, अनुभाग अधिकारी द्वारिका प्रसाद बर्खास्त

 

उत्तर प्रदेश के सचिवालय प्रशासन विभाग ने सरकारी सेवा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने अनुभाग अधिकारी द्वारिका प्रसाद को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

अधिकारियों के अनुसार, द्वारिका प्रसाद पर यह आरोप सिद्ध हुआ कि उन्होंने अपनी पहली पत्नी के जीवित रहते हुए बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर ली थी। यह स्पष्ट उल्लंघन सरकारी सेवा नियमों के नैतिक और कानूनी प्रावधानों के खिलाफ माना गया।

सचिवालय के अधिकारी ने बताया कि सेवा नियमों में स्पष्ट रूप से यह निर्देश है कि सरकारी कर्मचारियों को व्यक्तिगत जीवन में कानूनी बाधाओं और नैतिक नियमों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जैसा कि इस मामले में किया गया।

बर्खास्तगी की कार्रवाई से सचिवालय में सतर्कता और अनुशासन की मिसाल पेश हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अन्य कर्मचारियों के लिए चेतावनी के रूप में भी लिया गया है, ताकि सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन न हो।

इस मामले में विभाग ने बताया कि जांच के दौरान सभी तथ्यों और दस्तावेजों की पुष्टि की गई। इसके बाद ही द्वारिका प्रसाद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को अंतिम रूप दिया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों का निजी जीवन भी सेवा नियमों से प्रभावित होता है। किसी भी प्रकार के कानूनी या नैतिक उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि कानून और नियमों के पालन में कोई छूट नहीं है।

स्थानीय प्रशासन और सचिवालय ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी किसी भी प्रकार के नैतिक या कानूनी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम सरकारी संस्थानों में शिस्त और अनुशासन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सचिवालय के अनुभाग अधिकारी द्वारिका प्रसाद की बर्खास्तगी यह साबित करती है कि सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन गंभीर मामला है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई से सचिवालय में अनुशासन और नियमों के पालन के महत्व को भी उजागर किया गया है।