एसडीएम के नहीं पहुंचने पर भड़के किसान, एसीपी को सौंपा ज्ञापन, महापंचायत बुलाने का ऐलान
ग्रेटर नोएडा, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा के दादरी में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और ट्रैक्टर रैली निकाली। इस दौरान एसडीएम दादरी अभिनेंद्र सिंह के निर्धारित समय पर मौके पर नहीं पहुंचने से किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
किसानों का आरोप है कि उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के लिए पहले से सूचना दी थी, लेकिन इसके बावजूद वह मौके पर नहीं पहुंचे। इससे नाराज किसानों ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में किसान नेताओं ने स्थिति को संभाला और मौके पर मौजूद एसीपी प्रशाली गंगवार को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष मनोज मावी ने किया।
किसानों के अनुसार, एसडीएम दादरी अभिनेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपने के लिए पहले से कार्यक्रम की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद निर्धारित समय पर उनके नहीं पहुंचने से किसान नाराज हो गए। स्थिति बिगड़ती देख जिला अध्यक्ष मनोज मावी और किसान नेता अशोक भाटी ने किसानों को समझाया और शांत कराया। इसके बाद दोनों किसान नेताओं ने मौके पर मौजूद एसीपी प्रशाली गंगवार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ गन्ना किसानों और तहसील स्तर पर किसानों को होने वाली समस्याओं को भी प्रशासन के सामने रखा।
किसानों ने अपने ज्ञापन में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और मतदान अधिकार बहाल करने की मांग उठाई। किसान नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इन मांगों को लेकर किसानों ने प्रशासन के माध्यम से अपनी आवाज उठाई। इसके अलावा, ज्ञापन में गन्ना किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से शामिल किया गया।
किसानों ने गन्ने के मूल्य का भुगतान समय पर कराने, गन्ना पर्ची व्यवस्था में सुधार करने और किसानों को होने वाली परेशानियों को दूर करने की मांग की। उनका कहना था कि भुगतान में देरी और पर्ची व्यवस्था से जुड़ी दिक्कतों के कारण किसानों को आर्थिक और व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। किसानों ने तहसील स्तर पर लंबित समस्याओं का समाधान करने तथा उनके हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की।
प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष मनोज मावी ने कहा कि किसानों ने प्रशासन को पहले ही कार्यक्रम की सूचना दे दी थी। इसके बावजूद एसडीएम का मौके पर नहीं पहुंचना किसानों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों की मांगों को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें टालने की कोशिश कर रहा है।
मनोज मावी ने कहा कि किसान अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की मांगों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। किसानों ने महापंचायत बुलाने का भी निर्णय लिया है।
किसान नेताओं के अनुसार, महापंचायत की तिथि और स्थान की घोषणा जल्द की जाएगी। इसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं और आगे की आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। प्रदर्शन और ट्रैक्टर रैली में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसान अपनी मांगों को लेकर एकजुट नजर आए। किसान नेताओं के हस्तक्षेप और एसीपी को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
--आईएएनएस
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