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एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक के लिए दुशांबे पहुंचे राजनाथ सिंह

 

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार की शाम को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे पहुंच गए हैं। वह दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ताजिकिस्तान गए हैं। इस दौरान वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन व रक्षा मंत्री की यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती प्रदान करना है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह यहां एससीओ के सदस्य देशों के बीच आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 19 और 20 अक्टूबर को हो रही इस बैठक में सदस्य देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक एवं मानवीय आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर संवाद किया जा रहा है। इसके साथ ही, संगठन के भीतर चल रही सहयोग संबंधी पहलों की प्रगति की समीक्षा की भी जाएगी। संगठन की वित्तीय व्यवस्था और संस्थागत कामकाज से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल हैं।

भारत एससीओ के विभिन्न मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। स्टार्टअप, नवाचार, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसी पहलों के जरिए भारत क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने में लगातार योगदान दे रहा है। दुशांबे में हो रही यह बैठक भारत को अन्य सदस्य देशों के साथ विचारों के आदान-प्रदान और व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर माना जा रहा है। इससे साझा हितों के मुद्दों पर आपसी समझ बढ़ाने और क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार सुबह ही नई दिल्ली से ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे के लिए रवाना हुए थे। राजनाथ सिंह ने अपने रवाना होने की जानकारी देते हुए कहा था कि वह इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उत्सुक हैं। इस बैठक में एससीओ के सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर प्रमुखता से चर्चा होगी।

रक्षा मंत्री ने बताया कि एससीओ की बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक एवं मानवीय आदान-प्रदान जैसे विषय बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल हैं। इसके अलावा, सदस्य देश आपसी सहयोग से जुड़ी मौजूदा पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। यहां संगठन के वित्तीय प्रबंधन और संस्थागत कामकाज से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।

एससीओ की यह बैठक सदस्य देशों को आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने का अवसर देगी। इसका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में आपसी तालमेल मजबूत करना है, जिनसे सभी सदस्य देशों को लाभ मिल सके।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी