विदेश में अवैध संपत्ति घोषित करने के लिए लॉन्च की गई स्कीम को बंपर रिस्पॉन्स
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की ओर से 'छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति – प्रकटीकरण योजना, 2026' को करदाताओं से बंपर रिस्पॉन्स मिला है और अब तक करीब 1,100 करदाता इस स्कीम के तहत अपनी विदेशी संपत्ति घोषित कर चुके हैं। यह जानकारी सूत्रों की ओर से सोमवार को दी गई।
छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति – प्रकटीकरण योजना, 2026, करदाताओं को अब तक घोषित न की गई विदेशी संपत्तियों और आय का खुलासा करने का एक बार का अवसर प्रदान करती है।
सूत्रों ने बताया कि करदाताओं की सुविधा के लिए, विभाग ने ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक सुविधा दी है। इसके जरिए करदाता अपने पैन से जुड़ी उन विदेशी संपत्तियों की जानकारी देख सकते हैं, जिन्हें विदेशी अधिकार-क्षेत्रों द्वारा 'ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन' (एईओआई), जिसे आमतौर पर सीआरएस/एफएटीसीए के नाम से जाना जाता है, के तहत रिपोर्ट किया गया है। करदाता ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करके 2022-2024 तक के तीन वर्षों की यह जानकारी डाउनलोड कर सकते हैं।
सूत्रों ने बताया है कि ई-फाइलिंग पोर्टल पर केवल उसी जानकारी को दिखाया गया है, जो सीआरएस/एफएटीसीए फ्रेमवर्क के हस्ताक्षरकर्ताओं से एईओआई के तहत प्राप्त हुई है। विभाग को अन्य बहुपक्षीय फ्रेमवर्क के तहत भी जानकारी मिलती है, जिसे विभिन्न जोखिम कारकों या जानकारी न उजागर करने की प्रतिबद्धताओं के कारण पोर्टल पर नहीं दिखाया गया है।
इसके अलावा, विभाग अन्य स्रोतों से भी जानकारी/खुफिया सूचनाएं जुटाता है। 23 अक्टूबर 2026 को हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में विभाग ने यह निर्णय लिया है कि ऐसी जानकारी संबंधित करदाताओं के साथ भी साझा की जा सकती है (जहां भी संभव हो), ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने विभाग ने हाल ही में उन चुनिंदा करदाताओं से संपर्क किया है, जिन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आवासीय या व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश किया है।
विभाग ने करदाताओं, नियोक्ताओं (कॉर्पोरेट), शैक्षणिक संस्थानों, पेशेवर निकायों और उद्योग संघों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए आउटरीच कार्यक्रम भी तैयार किए हैं। इसके अलावा, सीबीडीटी ने करदाताओं की समस्याओं और सवालों के समाधान में मदद करने के लिए हर क्षेत्र में प्रधान मुख्य आयुक्त के अधीन एक समिति का गठन किया है।
यह योजना पात्र खुलासों को नियमित करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा प्रदान करती है। इसके तहत, उचित बाजार मूल्य (एफएआई) पर 30 प्रतिशत कर और कर के बराबर ही जुर्माना चुकाना होता है। इस योजना की एक अहम विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से ऑनलाइन है, विश्वास पर आधारित है और इसमें सेल्फ-डिक्लेरेशन करनी होती है।
एक वैध घोषणा करने पर, 'काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015' (काला धन अधिनियम) के तहत आगे की जांच, जुर्माने और कानूनी कार्रवाई से छूट मिल जाती है। इस योजना का लाभ करदाता 31 दिसंबर, 2026 तक उठा सकते हैं।
--आईएएनएस
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