एससी-एसटी के समग्र विकास के लिए विशेष कार्ययोजना, पात्र लाभार्थियों तक पहुंचें योजनाओं का लाभ: भट्टी विक्रमार्क
हैदराबाद, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देने के लिए एससी/एसटी सब-प्लान निधियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ इन समुदायों तक पहुंचाया जाए और फंड के उपयोग में तेजी लाई जाए, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें कि प्रत्येक पात्र परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने कृषि, बिजली, आवास, स्वास्थ्य और सामाजिक बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
गुरुवार को डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना राज्य सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में भट्टी विक्रमार्क ने कृषि, ऊर्जा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पंचायत राज, ग्रामीण विकास और नगर प्रशासन विभागों द्वारा एससी/एसटी सब-प्लान निधियों के उपयोग की समीक्षा की। इस बैठक में समाज कल्याण विकास मंत्री अडलूरी लक्ष्मण भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने रायथु भरोसा, रियायती बीज वितरण और कृषि मशीनीकरण जैसी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि कृषि भूमि रखने वाले एससी-एसटी किसानों तक पहुंच रहे लाभों का व्यापक आकलन किया जाए।
उन्होंने कहा कि भूमि स्वामित्व आधारित पात्रता शर्तों के कारण यदि विशेष विकास निधियों के उपयोग में कोई अंतर आ रहा है तो उसकी पहचान की जाए। साथ ही सामान्य योजनाओं और एससी-एसटी किसानों को दिए गए लाभों की तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार की जाए।
भट्टी विक्रमार्क ने सुझाव दिया कि जिन मामलों में मौजूदा दिशा-निर्देश विशेष विकास निधि के पूर्ण उपयोग में बाधा बन रहे हैं, वहां वैकल्पिक योजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने पात्र एससी परिवारों को अधिक लाभ देने के लिए विशेष योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने का भी निर्देश दिया।
उपमुख्यमंत्री ने कृषि समेत सभी विभागों को लाभार्थियों का गांववार और श्रेणीवार विवरण तैयार करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिया कि लाभार्थियों के नाम, गांव, सामाजिक श्रेणी, प्राप्त सहायता का विवरण एकत्रित कर डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जाए। साथ ही फंड उपयोग की निगरानी के लिए स्थायी मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की जाए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिला कलेक्टरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में लगभग 1300 एकड़ खाली भूमि उपलब्ध है।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार इस भूमि के उपयोग की संभावनाएं तलाशने तथा आवश्यक मंजूरियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र परिवारों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने ऐसे पात्र परिवारों के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रस्तावों की भी समीक्षा करने को कहा, जिनके पास मकान बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है।
भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि एससी-एसटी समुदायों के लिए सामाजिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है।
उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक भवन, श्मशान घाट, अन्य आवश्यक सुविधाओं की जरूरतों का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने और प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री अडलूरी लक्ष्मण ने एससी-एसटी बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं, विशेषकर बिजली व्यवस्था को मजबूत करने का सुझाव दिया।
उन्होंने बिजली के खंभे लगाने और विद्युत वायरिंग जैसे कार्यों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने की बात कही।
इसके अलावा, उन्होंने आदिवासी और एजेंसी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार करने का सुझाव दिया।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि दूरदराज के इलाकों में डॉक्टरों और जरूरी दवाओं की उपलब्धता बढ़ाई जाए तथा आपातकालीन स्थिति में लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिले।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एससी-एसटी परिवारों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने और बुनियादी ढांचे, बिजली, आवास तथा स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने से इन समुदायों के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
--आईएएनएस
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