स्वरा भास्कर के बयान पर जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि बोले- जो जैसा होता है, उसकी सोच वैसी ही होती है
हरदोई , 4 सितंबर (आईएएनएस)। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने अभिनेत्री स्वरा भास्कर के बयान की आलोचना की और कहा कि जो जैसा होता है, उसकी सोच वैसी ही होती है।
उन्होंने शुक्रवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में अभिनेत्री के बयान के संदर्भ में कहा कि फिल्म जगत से जुड़े लोगों को कभी अपना आदर्श नहीं मानना चाहिए। इन लोगों का मूल काम ही मनोरंजन करना है। यह लोग समाज के लिए कभी भी आदर्श नहीं हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में मैं समझता हूं कि इन लोगों को किसी भी सूरत में गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। ये लोग जैसे हैं, वैसी ही भाषा बोलेंगे और वैसे ही इन लोगों की सोच भी होगी।
उन्होंने अभिनेत्री स्वरा भास्कर के संदर्भ में कहा कि ऐसे लोगों की गलत बातों पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए।
उधर, राम मंदिर के नए सीईओ की नियुक्ति को लेकर कहा कि निश्चित तौर पर इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मैं ट्रस्ट के लोगों से यही कहूंगा कि वो राम मंदिर की व्यवस्था को दुरूस्त करने का काम करें ताकि निकट भविष्य में कोई विवाद पैदा न हो।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। ये देश सनातन का है। हम मौजूदा समय में सनातन के युग में जी रहे हैं। राजनेताओं को सनातन का आदर करना चाहिए। धर्म, सनातन और राष्ट्र को लेकर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
वहीं, राम जन्मभूमि ट्रस्ट की बैठक से पहले कमलनयन दास के बयान पर महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि सभी लोगों के अपने-अपने मत हो सकते हैं। चंपत जी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित किया है। राम जन्मभूमि में उनकी बहुत बड़ी भूमिका रही है।
--आईएएनएस
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