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सऊदी अरब ने ऊंटों के लिए शुरू किया आधिकारिक कैमल पासपोर्ट सिस्टम

 

सऊदी अरब ने ऊंटों से जुड़ी पारंपरिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब वहां ऊंटों के लिए भी इंसानों की तरह आधिकारिक कैमल पासपोर्ट जारी किया जाएगा। इस योजना की घोषणा सऊदी अरब के उप पर्यावरण, जल और कृषि मंत्री मनसूर अलमुशैती ने की है।

यह कदम सऊदी अरब की विजन 2030 योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश की पारंपरिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई तकनीक और आधुनिक सिस्टम के साथ जोड़ना है। सरकार की यह पहल ऊंट पालन और व्यापार को अधिक व्यवस्थित और ट्रैक करने योग्य बनाने के लिए उठाया गया है।

अरब देशों में ऊंट केवल जानवर नहीं माने जाते, बल्कि यह वहां की संस्कृति और जीवन शैली का अहम हिस्सा हैं। पुराने समय से ऊंटों का इस्तेमाल सफर, खेती और व्यापार में होता रहा है। आज भी सऊदी अरब में हजारों लोग ऊंट पालन और उससे जुड़े व्यवसायों से अपना जीवन चला रहे हैं।

कैमल पासपोर्ट सिस्टम के जरिए अब ऊंटों की पहचान, स्वास्थ्य रिकॉर्ड और स्वामित्व को डिजिटली ट्रैक किया जा सकेगा। मंत्री मनसूर अलमुशैती ने कहा कि यह पहल ऊंट पालन को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे ऊंट व्यापार में धोखाधड़ी की संभावना कम होगी और ऊंटों की देखभाल भी बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम सऊदी अरब में पारंपरिक उद्योगों और नई तकनीक के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में बड़ा बदलाव है। ऊंट अब केवल धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें व्यावसायिक और तकनीकी दृष्टिकोण से भी देखा जाएगा।

सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इस पहल को दिलचस्प और अनोखा मान रहे हैं। कई यूजर्स ने मज़ाकिया अंदाज में लिखा कि “अब ऊंट भी पासपोर्ट लेकर विदेश यात्रा कर सकते हैं!” वहीं कई लोग इसे सऊदी अरब की आधुनिक सोच और संस्कृति के संरक्षण का उदाहरण बता रहे हैं।

यह पहल सऊदी अरब के लिए कई मायनों में लाभकारी साबित होगी। न केवल ऊंट पालन को व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि देश की पारंपरिक विरासत और आधुनिक तकनीक के बीच एक नया मॉडल भी पेश होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अन्य अरब देश भी इस तरह के तकनीकी समाधान और पहचान प्रणाली को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

अंततः, सऊदी अरब का यह कदम यह दिखाता है कि संस्कृति और तकनीक साथ-साथ चल सकती हैं। ऊंटों के लिए पासपोर्ट सिस्टम न केवल पारंपरिक उद्योग को नई दिशा देगा, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक और व्यावसायिक पहचान को भी मजबूत बनाएगा।

यह खबर साबित करती है कि दुनिया में पुराने रीति-रिवाजों और नई तकनीक के बीच संतुलन स्थापित करना संभव है, और सऊदी अरब ने इसे एक अनोखे और स्मार्ट तरीके से कर दिखाया है।