सत्य निकेतन हादसे पर एबीवीपी ने मांगा एमसीडी आयुक्त का इस्तीफा, कहा-ये प्रशासन की गंभीर लापरवाही
नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गहरा शोक और संवेदना व्यक्त की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह, दिल्ली इकाई के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा, राष्ट्रीय मंत्री क्षमा शर्मा और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष आर्यन मान मौजूद रहे।
अभाविप के सदस्यों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उनके कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंच गए थे और राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन और अन्य एजेंसियों की मदद की। अभाविप दिवंगत विद्यार्थियों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती है।
उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी के बाद अभाविप कार्यकर्ताओं ने एमसीडी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर प्रशासन की जवाबदेही तय करने, एमसीडी आयुक्त के इस्तीफे और प्रकरण में संलिप्त सभी व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत आपराधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पुलिस के लाठीचार्जमें डीयूएसयू अध्यक्ष आर्यन मान सहित कई अभाविप कार्यकर्ता घायल हुए और 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा कि अभाविप मांग करती है कि घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराकर पूर्ण जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। मकान मालिक, बिल्डर और ठेकेदार द्वारा किए गए निर्माण कार्यों की जांच के साथ यह भी स्पष्ट किया जाए कि मौजूदा भवन के नीचे बेसमेंट की खुदाई की अनुमति किसने दी? पीजी संचालन की अनुमति किस आधार पर दी गई और संबंधित एमसीडी अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। अभाविप ने पूर्व में भी ज्ञापन के माध्यम से दिल्ली में अवैध रूप से संचालित विद्यार्थी आवासों और पीजी की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के उल्लंघन का विषय संबंधित प्रशासन के समक्ष उठाया है। इसके बावजूद यदि ऐसे भवन बिना पर्याप्त सुरक्षा जांच और निगरानी के संचालित होते रहे तो यह प्रशासन की गंभीर उदासीनता को दर्शाता है।
एबीवीपी के सदस्यों ने कहा कि अभाविप मांग करती है कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए और एमसीडी आयुक्त तत्काल इस्तीफा दें। दिल्ली के सभी पीजी और निजी हॉस्टलों का समयबद्ध संरचनात्मक एवं अग्नि सुरक्षा ऑडिट, अनिवार्य पंजीकरण और निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रभावित विद्यार्थियों को तत्काल सुरक्षित आवास, घायलों को समुचित उपचार एवं सहायता और मृत विद्यार्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। दिल्ली के शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त एवं सुरक्षित छात्रावासों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं।
वहीं, न्यूज एजेंसी आईएएनएस से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा, "सत्य निकेतन की घटना बेहद दुखद है और इसने कई परिवारों को ऐसी पीड़ा दी है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। अभाविप के कार्यकर्ता घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन राहत के साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए। यह स्पष्ट होना जरूरी है कि हादसा कैसे हुआ और इसे समय रहते रोका क्यों नहीं गया।"
उन्होंने कहा कि यदि भवन में अवैध या जोखिमपूर्ण निर्माण हो रहा था, तो उसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी और विद्यार्थियों के रहने की अनुमति किस आधार पर दी गई? इन सभी सवालों के जवाब और जिम्मेदार लोगों की पहचान जरूरी है। जांच केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहनी चाहिए। जो भी दोषी पाए जाएं, उनके विरुद्ध बिना किसी दबाव के कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
डॉ. सोलंकी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के मामले में प्रशासन की लापरवाही को अभाविप किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगी। अभाविप के कार्यकर्ता घटना के बाद से ही यथासंभव सहायता में जुटे हैं। साथ ही साउथ कैंपस में प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है और जब तक उचित कार्रवाई नहीं होती, यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
--आईएएनएस
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