सत्य निकेतन हादसा: मलबे से 4 लोग निकाले गए, कई के फंसे होने की आशंका (लीड-1)
नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक चार मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। इमारत में पेइंग गेस्ट (पीजी) चल रहा था, जिसमें कई छात्र रह रहे थे। हादसे के बाद कई छात्र मलबे के नीचे फंस गए। दिल्ली फायर सर्विस (डीएफसी) के मुताबिक अब तक 4 लोगों को मलबे से निकाला गया है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। स्थानीय सांसद बांसुरी स्वराज और विधायक अनिल शर्मा के मुताबिक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता डीएम, दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने पीड़ितों को हरसंभव सहायता पहुंचाने का आदेश अधिकारियों को दिया है।
मौके पर पहुंचे आरके पुरम से भाजपा विधायक अनिल कुमार शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। अलग-अलग जगहों से पढ़ने आए छात्र इस पीजी में रह रहे थे। विधायक ने कहा, "यह साफ है कि छात्र मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। अभी-अभी दो बच्चों को निकाला गया है और आपदा प्रबंधन बल, एमसीडी और पुलिस की टीमें उन्हें अस्पताल ले गई हैं। बाकी बच्चे अभी भी अंदर फंसे हैं।"
अनिल शर्मा ने बताया कि कुछ छात्र मलबे के नीचे से फोन कर मदद मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता ने पूरी इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को मौके पर भेजा है और दिल्ली भाजपा प्रमुख व सांसद हर्ष मल्होत्रा फोन पर लगातार संपर्क में हैं। प्रशासन की पहली प्राथमिकता फंसे हुए छात्रों को बचाना है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक हादसा सुबह 11:30 से 11:45 बजे के बीच हुआ। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "अंदर कई छात्र फंसे हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।" एक अन्य ने करीब 20 से 30 लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई है।
एक छात्रा आस्था कुमारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "हमें इमारत गिरने की बहुत तेज आवाज आई, उसके बाद एंबुलेंस की आवाज आने लगी। फिर हमने घायलों को लेकर जाते बचावकर्मियों को देखा। हम आशा करते हैं कि सभी ठीक हों। इमारत में पीजी चल रही थी, मैं यहां खुद पीजी में रहती हूं। प्रशासन की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर लोगों को बच्चों की टेंशन होती, पीजी के बाहर बोर्ड क्यों नहीं है। सत्य निकेतन छात्रों का हब है।"
उन्होंने कहा, "स्टूडेंट हॉस्टल होता है, उसमें बच्चों के निकलने के लिए कम से कम दो एग्जिट गेट होते हैं लेकिन यहां पर ऐसा कुछ नहीं है। छोटे से एरिया में इतनी लंबी इमारत खड़ी होती है, यह कैसे संभव है।"
दिल्ली फायर ब्रिगेड को इस घटना की सूचना रविवार दोपहर 1:30 बजे मिली। इसके बाद दोपहर 1:50 बजे स्टेशन ऑफिसर नरेंद्र मौके पर पहुंचे और बताया कि इमारत गिरी है और लोग फंसे हैं। इसके बाद एक एसडब्ल्यूटी, एक बिग फायर टेंडर, ऑफिसर-इन-चार्ज, डीओ मुकेश वर्मा और एसटीओ मनोज को मौके पर भेजा गया।
हादसे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर बताया, "सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना चिंतनीय है। डीडीएमए, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, सीएटीएस और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य कर रही हैं। एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है।"
--आईएएनएस
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