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सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले अक्षत यादव का शव पहुंचा कटनी, परिजन बोले-आईपीएस बनना चाहता था

 

कटनी, 8 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले अक्षत यादव का शव उनके गृह नगर कटनी (मध्य प्रदेश) लाया गया। शव के घर पहुंचते ही परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों के बीच मातम छा गया। अक्षत की मौत ने उनके परिवार के साथ-साथ स्कूल के शिक्षकों और दोस्तों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।

अक्षत यादव के शिक्षकों ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी काफी प्रतिभाशाली था। शिक्षक सीमा यादव ने कहा कि अक्षत बहुत होनहार बच्चा था। वह अच्छा फुटबॉलर और बेहतरीन वक्ता था। अक्षत का सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था और वह इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहता था।

उन्होंने बताया कि हादसे की खबर जब टीवी पर सामने आई, तब परिवार को शुरुआत में यह अंदाजा नहीं था कि दुर्घटना में फंसा बच्चा उनके अपने परिवार का सदस्य है। रात करीब 9 बजे उन्हें जानकारी मिली कि अक्षत भी उसी इमारत में मौजूद था। अगले दिन सुबह करीब 9:30 बजे परिवार को उसके नहीं बचने की सूचना मिली।

अक्षत जिस डीपीएस स्कूल में पढ़ता था, उसकी प्रिंसिपल सीमा दुबे ने कहा कि वह बेहद महत्वाकांक्षी बच्चा था। उसने स्पष्ट तौर पर कहा था कि वह बड़ा होकर आईपीएस अधिकारी बनना चाहता है। अक्षत की मौत पूरे परिवार और स्कूल के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि जब स्कूल से जुड़े लोगों को इस घटना से इतना गहरा दुख हुआ है, तो परिवार किस पीड़ा से गुजर रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

अक्षत के पिता मंता सिंह यादव ने बताया कि हादसे के बाद मलबा हटाने के लिए दो जेसीबी मशीनों के साथ कटर और अन्य उपकरण लगाए गए थे। सुबह करीब 7 से 8 बजे तक मलबा हटाने का काम पूरा कर लिया गया और घायल बच्चों को एम्स भेजा गया।

उन्होंने बताया कि अक्षत की पहचान उसकी टी-शर्ट से की गई। वहीं, परिवार के साथ दिल्ली गए पूर्व पार्षद विजय रजक ने बताया कि अक्षत के शरीर पर मौजूद पुराने चोट के निशान भी उसकी पहचान में महत्वपूर्ण साबित हुए।

विजय रजक के मुताबिक, बचपन में अक्षत के पैर में घुटने के पास गंभीर चोट लगी थी। उसका ऑपरेशन डॉ. विकास गुप्ता ने किया था और सर्जरी के बाद पैर पर करीब 12 से 15 टांकों का निशान रह गया था। इसके अलावा उसकी गर्दन पर तीन-चार खास तिल भी थे। इन्हीं निशानों के आधार पर परिवार ने उसकी पहचान की।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी