राहुल गांधी के कोटा दौरे से बौखला गया है सत्ता पक्ष : अशोक गहलोत
कोटा, 17 जून (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी नीट पेपर लीक से प्रभावित लाखों छात्रों की न्याय की आवाज बुलंद करने के लिए कोटा में छात्रों से संवाद करेंगे। कांग्रेस पार्टी ने उनके कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां कर ली हैं। दूसरी ओर, राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांग्रेस की ओर से दावा किया जा रहा है कि जगह-जगह से कार्यक्रम के पोस्टर हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा राहुल गांधी के कैंपेंन से बौखला गई है।
कोटा में आईएएनएस से बात करते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यह ओम बिरला का लोकसभा क्षेत्र है और वे लोकसभा में स्पीकर भी हैं। राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं। उन्हें उनका स्वागत करना चाहिए। मैं यह नहीं कह रहा कि उन्हें यहां आकर खड़ा होना चाहिए, लेकिन कम से कम उन्हें यह संदेश तो भेजना चाहिए कि आप मेरे शहर आ रहे हैं।
गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी के केंपेन से लोग बौखला गए हैं, क्योंकि राहुल गांधी ने छात्रों का मुद्दा उठाया है और देशभर में 90 पेपर लीक हो गए।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में जब कांग्रेस की सरकार थी तो विधानसभा चुनाव जीतने के लिए हमारी सरकार को बदनाम किया गया। हालांकि, जिस तरह से एक बाद एक पेपर लीक हुए, इनकी पोल खुल गई है। नीट पेपर के अलावा कई पेपर लीक हो गए हैं। युवाओं को समझना होगा कि उनका भविष्य क्या होने वाला है। पेपर लीक होने के बाद जो सुसाइड हो रहे हैं, वह रुकना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूरे देश में जहां भी सरकारों को गिराने की कोशिशें हुई हैं, वहां हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) हुई है। यह स्थिति पूरे देश में बन गई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा और संघ की जो हरकतें हैं, वह बहुत खतरनाक हैं। कानून कहता है कि धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगे जा सकते। इसी वजह से चुनाव आयोग ने अमित शाह पर प्रचार करने से रोक लगा दी थी। यूपी के सीएम पर भी बैन लग गया था। महाराष्ट्र में कुछ चुनाव रद्द कर दिए गए थे। मैंने कहा है कि संविधान के प्रावधानों के अनुसार, आप धर्म के नाम पर वोट नहीं मांग सकते हैं। लेकिन, अब तो उन्हें खुला ही मंच मिल गया है, जिस प्रकार की राजनीति भाजपा करती है, यह तो खतरनाक है। इंदिरा गांधी जैसी महान नेता होती और इनकी हरकतें ऐसी ही होती तो यह पार्टी बैन करने लायक है।
इसी बीच, टीएमसी में हुई टूट पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि मुझे नहीं पता, लेकिन जहां भी बहुमत नहीं होता, वहां यह सरकार अपना बहुमत साबित करना चाहती है, और शायद ये कदम ऐसे उठाए जा रहे हैं जो असंवैधानिक हैं और लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ हैं। मेरा मानना है कि एक मजबूत विपक्ष बहुत जरूरी है और हम सभी लोग राहुल गांधी के नेतृत्व में मजबूती के साथ बात रखेंगे।
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि यह सच है कि कई छात्रों पर कार्यक्रम में शामिल न होने या न जाने का दबाव डाला जा रहा है, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल गांधी यहां आएंगे और सरकार चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, तमाम कोशिशों के बावजूद यह कार्यक्रम बहुत सफल होगा और बड़ी संख्या में युवा इसमें भाग लेंगे।
--आईएएनएस
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